राज्य का सरकारी खजाना मोदी की ब्रांडिंग पर लुटाया जा रहा

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026। भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के नाम पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि अगर यह सेवा है, तो कर्मचारियों को धमकाकर भीड़ क्यों बुलानी पड़ रही है? सेवा बिना दबाव के होती है, तानाशाही से नहीं। भाजपा सरकार जिसे “सेवा संकल्प अभियान” कह रही है, वह वास्तव में सरकारी धन और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर नरेंद्र मोदी की छवि चमकाने का इवेंट है। जमीनी हकीकत यह है कि न आम जनता की सुनवाई हो रही है और न ही जमीनी समस्याओं का समाधान।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की साय सरकार ‘सेवा संकल्प’ के नाम पर प्रदेश की जनता के साथ धोखा कर रही है। यह कोई सेवा अभियान नहीं, बल्कि आरएसएस और भाजपा का फ्लॉप इवेंट है, जिसे चमकाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी को झोंक दिया गया है। शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पटवारियों और पंचायत सचिवों को जनसेवा के काम से हटाकर मोदी का गुणगान करने पर मजबूर किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी जनता के पैसे की इस बर्बादी और प्रशासनिक तानाशाही का कड़ा विरोध करती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रशासनिक तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकारी अधिकारियों और निचले स्तर के कर्मचारियों को संघ और भाजपा के प्रचारक के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जनसेवा के बजाय कर्मचारियों को भीड़ जुटाने और इवेंट मैनेजमेंट के काम में धकेला जा रहा है। जनता के गाढ़े पसीने की कमाई से मोदी जी की ब्रांडिंग करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। भाजपा सरकार ने सरकारी खजाने को अपना चुनावी फंड समझ लिया है। नागपुर और दिल्ली के इशारे पर छत्तीसगढ़िया मान-सम्मान से खिलवाड़ किया जा रहा है। स्थानीय कर्मचारियों का अपमान करके और छत्तीसगढ़ के विकास कार्य रोककर केवल दिल्ली के आकाओं को खुश करने का इवेंट रचा जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि ‘सेवा संकल्प’ नहीं, यह भाजपा का ‘सत्ता दुरुपयोग अभियान’ है। कर्मचारियों पर जबरिया संघी गुलामी का दबाव डाला जा रहा है। मोदी जी के गुणगान के लिए सरकारी तंत्र का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है। आम जनता ने नकारा, तो सरकारी कर्मचारियों के दम पर भीड़ जुटा रही साय सरकार।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सेवा संकल्प अभियान का बजट कितना है और इसमें से कितना पैसा केवल प्रचार-प्रसार और मंच सजाने में उड़ाया जा रहा है? क्या छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी अब भाजपा और संघ के कैडर हैं, जो उन्हें जबरन इस इवेंट में भीड़ जुटाने का टारगेट दिया गया है? जब आयुष्मान योजना, पीएम आवास और अमृत मिशन की किश्तें अटक रही हैं और युवाओं का बेरोजगारी भत्ता बंद है, तब इस फर्जी इवेंट के लिए फंड कहाँ से आ रहा है? अगर यह अभियान इतना ही सफल है, तो आम जनता इसमें क्यों नहीं आ रही? अधिकारियों को बसों में भरकर लोग लाने का हुक्म क्यों देना पड़ रहा है? क्या मुख्यमंत्री जी बताएंगे कि इस पूरे इवेंट से छत्तीसगढ़ के एक भी किसान, युवा या महिला का क्या भला हुआ? यह सेवा संकल्प नहीं, साय सरकार का ‘सरकारी तंत्र से छल’ अभियान है।


