कार्यकारी आदेश के दुरुपयोग का आरोप?

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
वाशिंगटन, 01 अक्टूबर 2026। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक की। इस दौरान ट्रंप ने इन अरबपति कारोबारियों को बेहद समझदार करार देते हुए कहा कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को आगे बढ़ाकर दुनिया को एक बेहतर जगह बनाना चाहते हैं। ट्रंप ने इस बैठक में एआई को लेकर कंपनियों से जोखिम समीक्षा, ऑडिटिंग पर बात की। आखिर में ट्रंप ने टेक कंपनियों के प्रमुखों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के नाम को बदलकर सुपर इंटेलिजेंस (एसआई) के नाम से पहचाने जाने की बात पर भी समर्थन हासिल कर लिया।
माना जा रहा है कि अब एआई के क्षेत्र में काम कर रहीं टेक कंपनियां आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) को सुपर इंटेलिजेंस (एसआई) के नाम से प्रचारित कर सकती हैं। हालांकि, एआई को लेकर ट्रंप के रवैये पर अमेरिका की अंदरूनी राजनीति काफी गर्म हो गई है। अमेरिका के सांसदों ने एआई के जोखिमों को नजरअंदाज करने के लिए ट्रंप को लताड़ लगाई है। साथ ही एआई को एसआई के नाम से पहचाने जाने के कार्यकारी आदेश पर भी उन्हें विशेषज्ञ और स्वतंत्र पत्रकारों की ओर से निशाना बनाया और कहा गया कि ट्रंप इसके जरिए अपने परिवार को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ट्रंप का एआई का नाम बदलने से जुड़ा प्रस्ताव क्या है? उन्होंने इसकी वकालत कब से शुरू की और क्या कहा? अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस करने से क्या बदल जाएगा? ट्रंप और उनका परिवार अब नाम बदलने की वजह से कैसे विवाद में उलझ गया है?
ट्रंप ने कब से शुरू की एआई का नाम बदलने की वकालत?
19 सितंबर 2026
ट्रंप ने सबसे पहले अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- ट्रूथ सोशल पर एक पोल चलाकर लोगों से एआई का नया नाम चुनने का सुझाव दिया था। इसके लिए उन्होंने सुपीरियर इंटेलिजेंस, एक्सट्रीम इंटेलिजेंस और सुपर इंटेलिजेंस जैसे सुझाव दिए गए। इसी दिन उन्होंने एक पोस्ट लिखकर एआई का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस (एसआई) करने की बात कही।
22 सितंबर 2026
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि आर्टिफिशियल यानी कृत्रिम शब्द से यह तकनीक ‘फर्जी’ महसूस होती है, इसलिए अमेरिका अब इसके लिए सुपर इंटेलिजेंस या एसआई शब्द का इस्तेमाल करेगा।
29 सितंबर 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति ने टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक की और एआई को एसआई के नाम से प्रचारित किए जाने पर बात की। समझौते के बाद जेन्सन हुआंग और एलन मस्क जैसे टेक प्रमुखों ने इस नए शब्द सुपर इंटेलिजेंस को अनौपचारिक रूप से अपनाया और इसका समर्थन भी किया।
इसके बाद ट्रंप ने मंगलवार को ही सुपर इंटेलिजेंस के दौर का उद्घाटन’ (Inaugurating the Era of Super Intelligence) शीर्षक वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत सभी अमेरिकी संघीय विभागों को आधिकारिक संचार और दस्तावेजों में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस की जगह सुपर इंटेलिजेंस (एसआई) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया।
ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद एआई को लेकर क्या बदलने वाला है?
ट्रंप की ओर से जुड़े एआई के नाम बदलने वाले प्रस्ताव के बाद इससे जुड़े नियमों, शब्दावली और कानूनी ढांचे में कई बदलाव आने वाले हैं।
संघीय विभागों में आधिकारिक शब्दावली का बदलाव
- अमेरिका के सभी संघीय सरकारी विभागों और एजेंसियों को आधिकारिक पत्राचार, सार्वजनिक संचार, वेबसाइट्स, रिपोर्ट्स और नीतिगत दस्तावेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की जगह सुपर इंटेलिजेंस (एसआई) शब्द का ही इस्तेमाल अनिवार्य होगा।
- अमेरिकी कार्यकारी शाखा अब किसी भी आधिकारिक सेटिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई शब्द का इस्तेमाल स्वीकार नहीं करेगी। व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट के मुताबिक, इस नए दृष्टिकोण के तहत बाइडन प्रशासन की पिछली एआई नीतियों को समाप्त कर दिया गया है।
फिलहाल ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द पर मौजूदा एआई परिभाषा ही लागू रहेगी। ट्रंप के आदेश के तहत राष्ट्रपति के विज्ञान और प्रौद्योगिकी सलाहकार के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है कि वे अमेरिकी कांग्रेस को एक विधायी प्रस्ताव सौंपें, ताकि कानून में सुपर इंटेलिजेंस की एक नई संघीय वैधानिक परिभाषा दर्ज की जा सके और अमेरिकी कानूनों में तदनुसार संशोधन किए जा सकें।
एआई का नाम एसआई करने से ट्रंप का परिवार कैसे विवादों में?
एआई का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस करने के फैसले के बाद ट्रंप और उनका परिवार एक वित्तीय घोटाले और इनसाइडर ट्रेडिंग के गंभीर आरोपों में घिर गया है।
1. स्लोवेनिया (.si) और ट्रंप परिवार का संबंध
‘सुपर इंटेलिजेंस’ का संक्षिप्त नाम SI है, जो यूरोपीय देश स्लोवेनिया का आधिकारिक इंटरनेट कंट्री-कोड डोमेन (.si) है। ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप और उनके बेटे बैरन ट्रंप दोनों स्लोवेनिया की नागरिकता भी रखते हैं।
2. आधिकारिक घोषणा से पहले डोमेन की संदिग्ध खरीदारी
- 19 सितंबर को ट्रंप की ओर से ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करने और उसके बाद कार्यकारी आदेश जारी करने से काफी पहले (जून और जुलाई 2026 में ही) अचानक ‘.si’ डोमेन की खरीद-बिक्री में अभूतपूर्व उछाल आया था।
- जुलाई 2026 से पहले पंजीकृत 95% से अधिक `.si` डोमेन गैर-अंग्रेजी भाषा के थे। लेकिन घोषणा से पहले के महीनों में एआई और मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) से जुड़े लगभग 12,000 अंग्रेजी डोमेन नए सिरे से रजिस्टर्ड किए गए या बेचे गए।
3. इनसाइडर ट्रेडिंग और करोड़ों डॉलर का फायदा
- आरोप है कि ट्रंप के करीबी अंदरूनी सूत्रों को इस नीतिगत बदलाव की पहले से जानकारी थी। उन्होंने बहुत कम कीमतों में हजारों एआई-संबंधित `.si` डोमेन पहले ही खरीद लिए।
- बाद में इन डोमेन को आफ्टरमार्केट में बेहद महंगे दामों पर बिक्री के लिए री-लिस्ट किया गया। उदाहरण के लिए, `build.si` डोमेन को 1.4 करोड़ डॉलर में री-लिस्ट किया गया।
- ट्रंप के कार्यकारी आदेश में सभी संघीय विभागों में केवल एसआई का इस्तेमाल अनिवार्य करने और टेक कंपनियों पर एसआई ब्रांडिंग का दबाव बनने से इन डोमेन की मांग बढ़ गई, जिससे शुरुआती खरीदारों ने करोड़ों डॉलर का मुनाफा कमाया।
क्या ट्रंप के खिलाफ बैठ सकती है जांच, महाभियोग की चर्चाएं क्यों?
स्वतंत्र शोधकर्ता और नीति सलाहकार एडम कॉकरन के खुलासे के मुताबिक, राष्ट्रपति के रूप में अपने पद और कार्यकारी आदेश का इस्तेमाल निजी वित्तीय लाभ या अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने के लिए करना न सिर्फ अनैतिक और पद का दुरुपयोग है, बल्कि यह एक महाभियोग चलाने लायक अपराध है।
- कॉकरन का कहना है कि .si डोमेन की खरीद-बिक्री के सभी डिजिटल रिकॉर्ड और लॉग सुरक्षित हैं। उनका तर्क है कि भविष्य की अमेरिकी संसद इस बात की गहन जांच कर सकती है कि नीतिगत घोषणा से ठीक पहले किन लोगों ने ये डोमेन खरीदे थे।
- अगर ट्रंप पर इससे जुड़े आरोप आगे जाते हैं तो अमेरिकी कानून के तहत महाभियोग चलाने या पास करने की अंतिम शक्ति संसद के पास होगी। अगर संसद इन दावों में दम देखती है तो वह एक संभावित कांग्रेसी जांच बिठा सकती है और दोषी पाए जाने पर ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चला सकती है।


