केस दर्ज कराने वाली महिला समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कैथल (हरियाणा), 19 सितंबर 2026। दुष्कर्म के एक मामले में समझौता कराने के नाम पर तीन लाख रुपये लेने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी पप्पू मटौर निवासी कृष्ण और दुष्कर्म मामले की शिकायतकर्ता महिला मोनिका शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर पैसे लेकर मामले को निपटाने की बातचीत करने और रकम नहीं देने पर आरोपी को सजा कराने की धमकी देने का आरोप है। कार्रवाई एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ और एंटी नारकोटिक्स सेल की संयुक्त टीम ने की है।
31 दिसंबर 2025 को दर्ज कराया था दुष्कर्म का केस
पुलिस के अनुसार मोनिका ने 31 दिसंबर 2025 को सिविल लाइन थाना में अनिल के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी दौरान जेल में अनिल की मुलाकात हत्या के मामले में बंद पप्पू से हुई। आरोप है कि पप्पू ने अनिल से उसका मामला पैसों के बदले निपटाने की बात कही।
जेल से बाहर आने के बाद कृष्ण को बनाया माध्यम
एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ प्रभारी एसआई मुकेश कुमार ने बताया कि जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद पप्पू ने मटौर निवासी कृष्ण के माध्यम से अनिल के मामले को पैसों में निपटाने की बातचीत शुरू की। कृष्ण की मोनिका के साथ रिश्तेदारी थी। इसी वजह से वह मोनिका की तरफ से अनिल पक्ष से पैसों की मांग कर रहा था।
बातचीत की रिकॉर्डिंग करने का भी आरोप
पुलिस के अनुसार पप्पू ने कृष्ण के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली थी। आरोप है कि इसी रिकॉर्डिंग के आधार पर वह पुलिस कर्मचारियों को विजिलेंस के माध्यम से पकड़वाने की योजना भी बना रहा था। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है।
अदालत परिसर में तीन लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार 15 सितंबर को कैथल कोर्ट परिसर में तीन लाख रुपये दिए गए थे। आरोप है कि पप्पू ने यह रकम अपने पास रख ली और मोनिका को नहीं दी। इसके बाद और पैसों की मांग की गई। शिकायत में आरोप है कि रकम नहीं देने पर अनिल को 10 साल की सजा करवाने की धमकी भी दी गई।
रिमांड में लेन-देन और रिकॉर्डिंग की होगी जांच
एसआई मुकेश कुमार के अनुसार एंटी नारकोटिक्स सेल ने सिविल लाइन थाना की हेड कांस्टेबल सुदेश और एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान तीन लाख रुपये के लेन-देन बातचीत की रिकॉर्डिंग और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच की जाएगी।


