
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
अंबिकापुर, 22 जुलाई 2026। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में परीक्षा एवं अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई वृद्धि के विरोध में युवा कांग्रेस आरटीआई सेल और विश्वविद्यालय इकाई ने मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग की। संगठन ने इसे छात्र विरोधी बताते हुए कहा कि इससे आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
युवा कांग्रेस आरटीआई सेल छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष हिमांशु जायसवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय से सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, एमसीबी और जशपुर जिले के हजारों विद्यार्थी अध्ययन करते हैं, जिनमें अधिकांश किसान और मजदूर परिवारों से आते हैं। ऐसे में परीक्षा शुल्क सहित अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई वृद्धि छात्रों के हितों के विपरीत है।
उन्होंने बताया कि बीए, बीकॉम, बीएससी, बीसीए, बीबीए सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के परीक्षा शुल्क के साथ ही प्रवजन प्रमाण पत्र, सेंटर परिवर्तन, एटीकेटी, पुनर्मूल्यांकन, पंजीयन, उपाधि शुल्क और अन्य सेवाओं के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। जारी नई शुल्क सूची के अनुसार प्रवजन प्रमाण पत्र का शुल्क 300 से बढ़ाकर 600 रुपये, सेंटर परिवर्तन 200 से 500 रुपये, एटीकेटी 200 से 1000 रुपये, पर्यावरण अध्ययन अतिरिक्त विषय 100 से 300 रुपये, उपाधि शुल्क 300 से 650 रुपये, पंजीयन शुल्क 45 से 100 रुपये, बीए-बीकॉम परीक्षा शुल्क 840 से 1350 रुपये, बीएससी 900 से 1380 रुपये तथा पुनर्मूल्यांकन शुल्क 150 से 250 रुपये कर दिया गया है।
हिमांशु जायसवाल ने कहा कि जब विश्वविद्यालय में अभी भी डिजिटल सुविधाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, छात्रावास और समय पर परीक्षा परिणाम जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं, तब शुल्क बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षा को सुलभ बनाने के बजाय यह निर्णय विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला है।
युवा कांग्रेस ने मांग की है कि शुल्क वृद्धि तत्काल वापस ली जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी शुल्क संशोधन से पहले छात्र संगठनों और संबंधित पक्षों से चर्चा की जाए तथा आर्थिक रूप से कमजोर और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए विशेष रियायत की व्यवस्था की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर छात्रहित में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान विश्वविद्यालय अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष गौतम गुप्ता, सचिव प्रमोद जायसवाल, सत्यम यादव, आयुष गुप्ता, अभिनव काशी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


