
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
भिलाई 29 मई 2026। भिलाई स्टील प्लांट से करोड़ों रुपये के लोहा चोरी के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अकलोरडीह इलाके के एक गोदाम से करीब 250 टन चोरी का लोहा जब्त किया है। इस जब्त माल की अनुमानित कीमत 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पिछले चार-पांच महीनों से लोहे की चोरी कर रहे थे। चोर फ्लाई ऐश या राखड़ के नीचे लोहा छिपाकर प्लांट से बाहर निकालते थे। प्लांट में सीआईएसएफ के जवान और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे तैनात हैं। पुलिस को अंदरूनी मिलीभगत की आशंका है। लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने एक टीम बनाई।
टीम ने संदिग्ध वाहनों का पीछा किया और 27 मई को गोदाम तक पहुंची। गोदाम में घेराबंदी कर छावनी पुलिस अधीक्षक प्रशांत पैकरा और भिलाई-3 थाना पुलिस ने जांच की। मौके पर कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया। पुलिस को आशंका है कि यह लोहा प्लांट के एसएमएस-3 यूनिट से चोरी हुआ था। गुरुवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
गिरफ्तार कर सामान भी किया जब्त
गिरफ्तार आरोपियों में ट्रक चालक चितानंद साहू, गीतेश वर्मा और मिथेन ठाकुर शामिल हैं। एके ट्रेडर्स के पर्यवेक्षक निर्मल सिंग भी पकड़े गए हैं। पुलिस ने गोदाम से 250 टन लोहे के प्लेट और बीम कटिंग जब्त की है। इसके साथ ही दो हाईवा, दो ट्रक, दो टाटा एस वाहन, एक जेसीबी, एक हाइड्रा और एक चैन माउंटेन वाहन भी जब्त किए गए हैं। इन सभी जब्त सामान की कुल कीमत 3 करोड़ 22 लाख रुपये है।
मिलीभगत और आगे की जांच
पुलिस को भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी, सीआईएसएफ जवान और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत का शक है। कबाड़ी संचालित करने वाले लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने एक जांच समिति गठित की है। यह समिति पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच करेगी। अन्य आरोपियों की पतासाजी भी की जा रही है।


