
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
रांची 26 मई 2026। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित कराने की मांग की है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी सुनिश्चित करने की अपील की है।
विधायकों पर अनैतिक दबाव बनाने की कोशिश
जेएमएम की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव में संख्या बल स्पष्ट नहीं होने के बावजूद भाजपा नेताओं द्वारा उम्मीदवार उतारने को लेकर लगातार सार्वजनिक बयान दिए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि इससे राजनीतिक माहौल प्रभावित हो सकता है और विधायकों पर अनैतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा सकती है।
सख्त निगरानी जरूरी
पत्र में यह भी आशंका जताई गई है कि चुनाव के दौरान विधायकों को आर्थिक प्रलोभन, भयादोहन और केंद्रीय एजेंसियों के जरिए प्रभावित करने का प्रयास हो सकता है। जेएमएम ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए इस तरह की गतिविधियों पर सख्त निगरानी जरूरी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से विशेष रूप से सीबीआई, ईडी, आईबी और एसीबी जैसी केंद्रीय एजेंसियों को निगरानी में रखने की मांग की है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके।
जेएमएम के पास कुल 56 विधायक
जेएमएम ने दावा किया कि गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जबकि राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है। वहीं भाजपा के पास केवल 21 विधायकों का समर्थन है। ऐसे में गठबंधन दोनों सीटें आसानी से जीत सकता है। पार्टी ने चुनाव आयोग से पूरे मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेने और किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त, दबाव या राजनीतिक प्रभाव को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
भाजपा उतारेगी एक उम्मीदवार
राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी सरगर्मियों के बीच भाजपा ने एक उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया है। भाजपा की राज्य चुनाव समिति की बैठक के बाद पार्टी के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने कहा कि पार्टी केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि जीत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उम्मीदवार उतार रही है। उन्होंने दावा किया कि 81 सदस्यीय विधानसभा में जीत के लिए जरूरी 28 वोट भाजपा हासिल कर लेगी।


