
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
फरीदाबाद 10 फरवरी 2026। आतंकी संगठन एक्यूआईएस से संपर्क और हैंड ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ पकड़े गए संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को लगता था कि वो बड़ा बदमाश है। हत्या, हत्या के प्रयास व रंगदारी की वारदात करने वाले, आठ एफआईआर में नामजद, पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुए गैंगस्टर अरुण चौधरी को लगता था कि वो बड़ा बदमाश है। इसी को लेकर बीते सप्ताह दोनों में कहासुनी व गाली-गलौच हो गई। इसी कहासुनी व गाली-गलौच की रंजिश में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए अरुण चौधरी ने रविवार रात सो रहे अब्दुल रहमान की हत्या कर दी। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि 3-4 दिन पहले ही दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। जेल प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि कुख्यात आरोपियों, संदिग्ध आतंकी को चक्की में रखा जाता है। ये सामान्य बैरक की तुलना में अलग होती है और बंदी को सजा के तौर पर इनमें रखा जाता है।
अरुण चौधरी कई वारदात करने के बाद पहले भी अन्य साथी कैदियों व बंदियों के सामने दबदबा बनाने की हरकतें कर चुका था। लगभग 20 दिन पहले ही अब्दुल रहमान, अरुण चौधरी व सोएब रियाज को एक ही चक्की में बंद किया गया था। खुद को बड़ा दिखाने को लेकर ही अरुण व अब्दुल रहमान के बीच कहासुनी हुई थी।
जो देश के खिलाफ जाएगा उसका यही अंजाम होगा
वहीं, अब्दुल रहमान की हत्या मामले में रोहित गोदारा गैंग की एंट्री भी सोमवार दोपहर बाद हुई। गैंग के मेंबर महेंद्र डेलाना ने हत्या करने वाले अरुण चौधरी का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। पोस्ट में लिखा गया कि जो देश के खिलाफ जाएगा उसका यही अंजाम होगा। पोस्ट में लिखा कि फरीदाबाद जेल में अब्दुल रहमान को मारा है। वो एक आतंकवादी था और राम मंदिर पर हमला करने की प्लानिंग में शामिल था। जब ये फरीदाबाद में पकड़ा गया था तब इसके पास से ग्रेनेड मिले थे। अरुण चौधरी ने इसको इसके अंजाम तक पहुंचाया है।
2 मार्च 2025 को गिरफ्तार हुआ था संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान
संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को 2 मार्च 2025 को पाली इलाके से दो हैंड ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ गुजरात एटीएस व पलवल एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ डबुआ थाना में आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच में पता चला कि अब्दुल रहमान अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (एक्यूआईएस) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियां के संपर्क में था। अबू सूफियां ने ही अपना हैंडलर भेजकर बांस रोड स्थित खेत के पास गड्ढा खुदवाकर जमीन में दो हैंडग्रेनेड के साथ ही डेटोनेटर भी छुपाए थे। अब्दुल रहमान को ये छुपाने के स्थान की लोकेशन दी गई थी, जिसके बाद आतंकी यहां पहुंचा और गड्ढे की मिट्टी हटाकर ये सामान वाला पैकेट उसने निकालकर अपने बैग में रख लिया था। अब्दुल रहमान को ये सामान लेकर 4 मार्च को वापस अयोध्या पहुंचना था। लेकिन यहां की लोकेशन व आरोपी की फोटो मिलने पर उसे काबू कर लिया गया।
मामले में एसटीएफ अब्दुल रहमान के खिलाफ चालान पेश कर चुकी है। आरोपी के खिलाफ चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। दिसंबर 2025 में ही उसकी जमानत याचिका भी जिला अदालत से खारिज हुई थी।
हत्या, हत्या के प्रयास समेत 8 एफआईआर दर्ज हैं आरोपी अरुण चौधरी पर
आरोपी अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है। इसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों के चलते 8 एफआईआर दर्ज है। इनमें 7 एफआईआर जम्मू कश्मीर व एक एफआईआर पंजाब के अमृतसर में दर्ज है। एक ठगी का मामला भी इनमें शामिल है। अरुण चौधरी का नाम दिसंबर 2023 में हुए सांबा निवासी अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद चर्चा में आया था।
मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था अरुण चौधरी
वर्ष 2023 में पंजाब में हुई मुठभेड़ के बाद अरुण चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। उसे जम्मू-कमशीर के कठुआ जेल में रखा गया था। सूत्रों की मानें तो वर्ष 2024 में ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अरुण ने कठुआ जेल प्रशासन पर मोबाइल फोन और सुविधा प्रदान करने के एवज में दो लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे। वह वीडियो वायरल भी हुई थी। इसके बाद अक्टूबर-2024 में अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट को कठुआ जेल से नीमका जेल में ट्रांसफर किया गया था। अरूण चौधरी को नीमका जेल में करीब 20 दिन पहले ही चक्की सेल में शिफ्ट किया गया था।
नीमका जेल में बंद संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या
फरीदाबाद में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए 20 साल के संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की नीमका जेल में हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप उसी सेल में बंद अरुण चौधरी पर लगा है।
अरुण चौधरी को जम्मू कश्मीर की कठुआ जेल से अक्तूबर 2024 में फरीदाबाद की नीमका जेल शिफ्ट किया गया था। देर रात सोते हुए अब्दुल रहमान के सिर पर पत्थर से वार कर हत्या की गई है। वारदात के दौरान इस सेल में तीसरा बंदी जम्मू कश्मीर का ही सोएब रियाज भी था। इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। एसीपी तिगांव अशोक कुमार ने बताया कि बल्लभगढ़ सदर थाना में हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही, केस की जांच अपराध शाखा डीएलएफ को ट्रांसफर कर दी गई है। जेल से आरोपी अरुण चौधरी को प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही हत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ गिरफ्तार हुआ था अब्दुल रहमान
संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को 2 मार्च 2025 को पाली इलाके से दो हैंड ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ गुजरात एटीएस व पलवल एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ डबुआ थाना में आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच में पता चला कि अब्दुल रहमान अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (एक्यूआईएस) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियां के संपर्क में था। अबू सूफियां ने ही अपना हैंडलर भेजकर बांस रोड स्थित खेत के पास गड्ढा खुदवाकर जमीन में दो हैंडग्रेनेड के साथ ही डेटोनेटर भी छुपाए थे। अब्दुल रहमान को ये छुपाने के स्थान की लोकेशन दी गई थी, जिसके बाद आतंकी यहां पहुंचा और गड्ढे की मिट्टी हटाकर ये सामान वाला पैकेट उसने निकालकर अपने बैग में रख लिया था।
अब्दुल रहमान को ये सामान लेकर 4 मार्च को वापस अयोध्या पहुंचना था। लेकिन यहां की लोकेशन व आरोपी की फोटो मिलने पर उसे काबू कर लिया गया। मामले में एसटीएफ अब्दुल रहमान के खिलाफ चालान पेश कर चुकी है। आरोपी के खिलाफ चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। दिसंबर 2025 में ही उसकी जमानत याचिका भी जिला अदालत से खारिज हुई थी।
अब्दुल रहमान को नीमका जेल की बैरक सुरक्षा वार्ड नंबर 3बी साइड में चक्की नंबर 2 में रखा गया था। इसके साथ ही इस चक्की यानि हाई रिस्क आरोपियों की बैरक में जम्मू कश्मीर के मीर साहब थाना इलाके के खोर सलारियन आरएस पुरा के रहने वाले अरुण चौधरी व जम्मू कश्मीर के ही सोएब रियाज को भी रखा गया था।
सोते हुए अब्दुल रहमान की हत्या की
रविवार रात को तीनों बंदी सो गए थे। देर रात 2 बजे अरुण चौधरी ने अब्दुल रहमान के सिर व अन्य हिस्सों पर पत्थर से कई वार किए। इससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। सो रहा सोएब रियाज नींद से जागा तो अरुण ने उसे भी डराया धमकाया। जेल वॉर्डन ने ये देखकर तुरंत अन्य सहकर्मियों को सूचना दी। जेल के ही अस्पताल में अब्दुल रहमान को ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को बीके अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया गया।
जेल प्रशासन ने प्रक्रिया के तहत सूचना स्थानीय पुलिस व मजिस्ट्रेट को दी। मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने मृतक अब्दुल रहमान के परिवार को भी सूचित कर दिया है।


