
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
फरीदाबाद 09 फरवरी 2026। हरियाणा की फरीदाबाद जेल में संदिग्ध आतंकी की हत्या का मामला सामने आया है। नीमका जेल में नुकीले हथियार से वार कर अब्दुल रहमान की हत्या की गई है। मध्य रात लगभग दो बजे साथी बंदी अरुण चौधरी ने हमला कर अब्दुल रहमान की हत्या की। जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद की नीमका जेल में नुकीले हथियार से वार कर अब्दुल रहमान की हत्या की। संदिग्ध अब्दुल रहमान राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश में शामिल था। इस हत्या को अंजाम देने का आरोप अरुण चौधरी नाम के साथी बंदी पर लगा है।
अब्दुल रहमान जम्मू कश्मीर के कठुआ का रहने वाला था। अरुण चौधरी भी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के चलते गिरफ्तार हुआ था और उसे अक्तूबर 2024 में नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था।
संदिग्ध आतंकी की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी
संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान का संबंध राम मंदिर को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश से था। उसे 2 मार्च 2025 को गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई में पाली इलाके से गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही वह फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद था। उसकी हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन जेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इस हत्या का संबंध अब्दुल रहमान के आतंकी गतिविधियों से था या यह किसी आपसी रंजिश का परिणाम है।
अब्दुल रहमान अयोध्या के मजनाई का रहने वाला है। वह ई-रिक्शा चलाता था और पिता की चिकन की दुकान को संभालता था। अब्दुल रहमान शुरू में अपनी अम्मी के मोबाइल पर यू-ट्यूब व फेसबुक चलाता था। इसी दौरान वह तालीबान, इस्लामिक स्टेट के वीडियो व दुनिया में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के वीडियो देखने लगा।
बंदूक बनाकर फोटो इंस्टाग्राम पर डालता था
वीडियो देखकर अब्दुल को भी बंदूक बनाने का शौक लग गया। वह लकड़ी व लोहे की नकली बंदूक बनाकर इंस्टाग्राम पर फोटो व वीडियो बनाने लगा था। सबसे पहले उसने ar_rahman नाम से इंस्टाग्राम पर आईडी बनाई जो ब्लॉक हो गई। बाद में कई नई आईडी बनाई और वो ब्लॉक होती रहीं।
सलाम का मैसेज आया और फिर हुआ ब्रेनवॉश
साल 2023 के दौरान अब्दुल को उसकी इंस्टाग्राम आईडी Abu_ubaida पर Altaf नाम से बनी आईडी से सलाम का मैसेज आया और इनमें बात होने लगी। उसने जिहाद के बारे में बताया और ब्रेन वॉश करना शुरू कर दिया। आरोपी ने खुद को इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासान से बताया और जिहाद के लिए उकसाने करने लगा। उसी ने टेलीग्राम डाउनलोड करवाकर वहां बात करने लगा। उसने अपना नाम अबू सूफियान बताया। अपने संगठन के प्रति अब्दुल रहमान को समर्पित करने के लिए झंडा बनाने व वीडियो देखकर स्पीच देते हुए वीडियो बनाकर देने को कहा।


