
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
श्रीनगर 14 जुलाई 2024। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया है कि उन्हें और अन्य लोगों को शहीदों के कब्रिस्तान जाकर फातिहा पढ़ने से रोका गया। उन्होंने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, हमें कल शहीदों के कब्रिस्तान जाकर फातिहा पढ़ने की इजाजत नहीं दी गई। सुबह से ही हमें अपने-अपने घरों में बंद रखा गया। मैंने कंट्रोल रूम को सूचित किया कि मैं वहां जाकर फातिहा पढ़ना चाहता हूं, लेकिन कुछ ही मिनटों में मेरे घर के बाहर बंकर लगा दिया गया। उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि आज भी उन्हें वहां जाने से रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने पूछा, आख़िर किस कानून के तहत हमें वहां जाने से रोका गया है? क्या शहीदों को याद करना अब गुनाह हो गया है? उन्होंने दो टूक कहा, हम किसी के गुलाम नहीं हैं। जब मर्जी होगी, हम शहीदों को श्रद्धांजलि देने यहां आएंगे।


