भारी बारिश के कारण 18 लोगों की मौत, सीएम ने की राहतकार्यों की समीक्षा, विभाग ने जारी किया अलर्ट

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

हैदाराबाद 30 जुलाई 2023। तेलंगाना में पिछले कई दिनों से भारी बारिश का दौरा जारी है। मूसलाधार बारिश के कारण तेलंगाना में करीब 19 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। सभी विस्थापित बाढ़ प्रभावित हैं। अब प्रशासन ने भारी बारिश के कारण प्रदेश भर में मौतों का आंकड़ा जारी किया है। अधिकारी का कहना है कि तेलंगाना में इस बार भारी बारिश की मार से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इस दौरान 18 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, शनिवार रात को बारिश में कुछ राहत है, जिस वजह से रेस्क्यू दल और ज्यादा अलर्ट हो गया है। इससे राज्य में राहत कार्यों में तेजी आई है। शनिवार रात जारी विज्ञप्ति के अनुसार सीएम के चंद्रशेखर राव दिनभर मंत्रियों और मुख्य सचिव शांति कुमारी के साथ बैठक करते रहे। उन्होंने राहत कार्य सहित सभी स्थिति का जायजा लिया। 

ओडिशा-बंगाल में भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों के लिए रविवार को बारिश के हालातों पर भविष्यवाणी की। विभाग ने बताया कि बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, जगतसिंहपुर, ढेंकनाल, अंगुल, संबलपुर, क्योंझर, देवगढ़, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, सोनपुर, बौध, बलांगीर और कंधमाल सहित कुछ अन्य इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। कम दबाव के प्रभाव के कारण 31 जुलाई को ढेंकनाल, अंगुल, संबलपुर, सोनपुर, बौध, बलांगीर, कंधमाल जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है। इसके अलावा मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए एक से तीन अगस्त तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ओडिशा के एक अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण सड़कें और पुल बह गए हैं। इस वजह से कंधमाल और गजपति जिले के 18 गांव मुख्य भूमि से कट गए हैं।

डैम प्रशासन की ओर से जारी की गई चेतावनी
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक बी.आर अंबेडकर ने बताया कि गोदावरी में जल स्तर 55.9 फीट तक पहुंच गया है। इस वजह से तेलंगाना के भद्राचलम में तीसरी चेतावनी जारी की गई है। विजयवाड़ा के प्रकाशम बैराज में कृष्णा नदी के बाढ़ के पानी का प्रवाह-बहिर्वाह शनिवार शाम 6 बजे तक 1.11 लाख क्यूसेक था। विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। गोदावरी क्षेत्र में जिला प्रशासन के साथ-साथ लोगों को भी सतर्क कर दिया गया है। अंबेडकर ने तटवर्ती समुदायों को सलाह दी है कि जब तक कि बाढ़ का पानी पूरी तरह से कम न हो जाए तब तक तटीय क्षेत्रों में न जाएं।

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