
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
प्रयागराज 17 अप्रैल 2023। माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद को जब साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था तो उसने मीडिया से एक बात कही थी कि मैं आप लोगों की वजह से जिंदा हूं, इसके लिए आप सभी का शुक्रिया। लेकिन शनिवार को उसकी हत्या कर दी गई। हैरानीजनक बात यह है कि सभी हत्यारे अतीक अहमद के सामने नकली पत्रकार बनकर आए और फायरिंग कर उसे और उसके भाई अशरफ अहमद को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
माफिया अतीक अहमद ने कहा था ‘मीडिया की वजह से जिंदा हूं…’
मिली जानकारी के मुताबिक, अतीक अहमद को उमेश पाल हत्याकांड में पूछताछ करने के लिए 12 अप्रैल को साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था। इस दौरान रास्ते में जब उसकी गाड़ी खराब हो गई और वह नीचे उतरा तो मीडिया ने अतीक अहमद से कुछ सवाल किए। जिस पर माफिया ने कहा था कि वो मीडिया के कारण ही अभी तक जिंदा है। लेकिन उसके ऐसा कहने के 3 दिन बाद ही उसकी और उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस ने हमलावरों को मौके से दबोच लिया। इस पूरे हमले को बकायदा मीडिया और पुलिस के सामने अंजाम दिया गया। तीनों आरोपी मीडियाकर्मी बनकर घटनास्थल पर पहुंचे थे।
अतीक, अशरफ को कसारी मसारी कब्रिस्तान में कर दिया गया सुपुर्द-ए-खाक
आपको बता दें कि प्रयागराज में शनिवार शाम 3 हमलावरों की ताबड़तोड़ गोलियों का शिकार हुए माफिया-राजनेता पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के शवों को रविवार रात यहां के कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद अतीक और अशरफ के शव शाम करीब साढ़े 6 बजे कब्रिस्तान लाए गए। उन्होंने बताया कि रीति रिवाजों के बाद दोनों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान मृतकों के चंद दूर के रिश्तेदार ही इस मौके पर मौजूद रहे। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन भी मौके पर नहीं पहुंची। वहीं अतीक के नाबालिग बेटे एहजान और अबान जनाजे में मौजूद रहे।


