महबूबा ने अलापा पड़ोसी मुल्क से दोस्ती का राग: पाकिस्तान से बातचीत के बिना कश्मीर में शांति नहीं, कहा-घाटी के हालात सामान्य नहीं

शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

जम्मू कश्मीर 27 मार्च 2022। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर पाकिस्तान से दोस्ती का राग अलापा है। कहा, पाकिस्तान से बातचीत के बिना कश्मीर घाटी में शांति कायम नहीं की जा सकती। शनिवार को वह डाक बंगला (रामबन) में युवा सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। महबूबा ने परिसीमन आयोग के खिलाफ बात की और कहा कि पीडीपी इसे पूरी तरह से खारिज करती है, लेकिन जल्दबाजी में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने बुद्धिमान, विवेकपूर्ण और धर्मनिरपेक्ष होने के कारण 1947 में भारत का हिस्सा बनने का विकल्प चुना था। महबूबा ने चिनाब घाटी के संसाधनों को घेरने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को दोषी ठहराया, कहा कि घाटी के लोगों को इस सरकार ने कोई लाभ नहीं दिया।

नाशरी सुरंग मुखर्जी के बजाय डीडी ठाकुर के नाम पर हो 

जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी, महंगाई अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है। पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि चेनानी-नाशरी सुरंग का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग के बजाये डीडी ठाकुर के नाम पर होना चाहिए था या लाल डेड या नुंड ऋषि के नाम पर होना चाहिए था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनावों में जीत के लिए एकजुट होने के निर्देश दिए। सम्मेलन में कांग्रेस के रामबन जिलाध्यक्ष फारूक अहमद कटोच सहित कई सरपंच, पंच और युवा पीडीपी में शामिल हुए। 

भाजपा ने अपना हित साधने के लिए बनाया परिसीमन आयोग

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि परिसीमन एक आयोग नहीं, बल्कि यह अपनी सीटों को मजबूत करने के लिए भाजपा का आयोग है। कहा कि अगर अगस्त, 2019 के बाद कश्मीर में हालात सुधरे हैं तो यहां 10 लाख से ज्यादा सुरक्षा बल क्यों तैनात हैं। पीडीपी अध्यक्ष ने कहा, उनकी पार्टी ने अभी तक चुनाव को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। परिसीमन को पीडीपी पूरी तरह से खारिज कर चुकी है। 

 जम्मू-कश्मीर में सभी वर्ग आतंकवाद की चपेट में 

‘द कश्मीर फाइल्स’ पर महबूबा ने कहा कि फिल्म में जो दिखाया गया, उससे कोई समस्या नहीं, जिस तरह से भाजपा फिल्म को बढ़ावा दे रही है, उससे आपत्ति है। कहा कि आपको ठुकरी (किश्तवाड़ जिले में चतरू) की हत्या याद हो सकती है, जिसमें हिंदू मारे गए थे। इसी तरह कश्मीर में मुसलमान मारे गए थे, सुरनकोट (पुंछ) के सालियान में भी मुसलमान मारे गए और घाटी में कश्मीरी पंडित मारे गए।

जम्मू-कश्मीर में सभी वर्ग आतंकवाद की चपेट में

एक ही समुदाय (हिंसा से) प्रभावित नहीं हुआ, सभी को नुकसान पहुंचा है। जम्मू-कश्मीर में सभी वर्ग आतंकवाद की चपेट में हैं। कहा कि अगर भाजपा विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास के लिए इसी तरह की मेहनत करती तो बेहतर होता। 

Leave a Reply

Next Post

बंगाल विधानसभा में मारपीट: भाजपा-टीएमसी के विधायक भिड़े, एक घायल, शुभेंदु अधिकारी समेत पांच निलंबित

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर   कोलकाता 28 मार्च 2022। पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के विधायक आपस में भिड़ गए। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच नौबत मारपीट तक आ गई। बताया गया है कि टीएमसी विधायक असित मजूमदार और भाजपा के मनोज तिग्गा […]

You May Like

मछली पकड़ने गए कारपेंटर की नदी में डूबने से मौत....|....बाबाधाम जाने वाले कांवड़ियों के लिए खुशखबरी....|....ऑक्सीजोन से विस्थापित दुकानदार क्रिस्टल आर्केड के सामने बसाए जाएंगे....|....पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वतंत्र जांच के संकेत....|....अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत....|....गौरेला में बारिश के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे थे बच्चे....|....नवविवाहित दंपती को सोशल मीडिया पर अश्लील संदेश भेजकर किया परेशान....|....करोड़ों के स्क्रैप चोरी मामले में सीआईएसएफ के 7 जवान सस्पेंड....|....फर्जी एसीबी अधिकारी बनकर आबकारी अधिकारी से मांगी शराब और नकदी....|....कार्बन फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद एक और लापरवाही