
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 04 फरवरी 2022। केंद्र सरकार ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला किया है। ओवैसी पर गुरुवार को यूपी के हापुड़ में हमला हुआ था। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि सरकार ने ओवैसी की सुरक्षा की समीक्षा की है। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया गया। हालांकि ओवैसी ने कहा है कि वह न तो डरेंगे और न ही सुरक्षा लेंगे। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की कार पर गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे फायरिंग की गई थी। घटना उस वक्त हुई जब पिलखुवा के पास छिजारसी टोल प्लाजा से उनका काफिला गुजर रहा था। दो युवकों ने कार में नीचे की तरफ गोलियां चलाईं। इस दौरान समर्थकों ने एक हमलावर को पकड़ लिया और टोलकर्मियों को सौंप दिया। उसके पास से पिस्तौल बरामद हुई है। बाद में पुलिस ने दबिश देकर दूसरे को भी पकड़ लिया। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
गिरफ्तार दोनों आरोपी ओवैसी से इसलिए खफा थे
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के नाम सचिन और शुभम बताए हैं। उन्होंने पूछताछ में बताया कि ओवैसी के नफरत भरे भाषण से वे नाराज थे, इसलिए हमला किया। सचिन ने पूछताछ में बताया कि शुभम से उसकी दोस्ती फेसबुक पर हुई। इसके बाद फोन पर बातें होने लगीं। फोन पर ही हमले की साजिश तैयार की। दोस्तों से पिस्तौल ली। हमले से पहले दोनों मिले और कार से टोल प्लाजा पर पहुंच गए।
हमले को साजिश बताया, सुरक्षा लेने से इनकार किया
हमले को साजिश बताते हुए ओवैसी ने अपने विरोधियों को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि वह न तो डरने वाले हैं और न ही सुरक्षा लेने वाले। अब देखना होगा कि केंद्र द्वारा मुहैया कराई जाने वाली जेड श्रेणी की सुरक्षा वह लेंगे या नहीं?
जेड श्रेणी सुरक्षा में 22 गार्ड तैनात होते हैं
जेड श्रेणी की सुरक्षा में चार से पांच एनएसजी कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षागार्ड तैनात होते हैं। इनमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो व स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं।