जिलाध्यक्ष निलंबित और 175 को नोटिस, फिर भी नहीं झुके पटवारी

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कोरबा, 03 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में 4 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान पर 13 अक्टूबर से बेमियादी हड़ताल पर गए पटवारियों का आंदोलन कोरबा में 20वें दिन भी जारी है। जिला प्रशासन द्वारा जिलाध्यक्ष को निलंबित करने और 175 हड़ताली पटवारियों को कारण बताओ नोटिस थमाने के बाद भी पटवारियों का हौसला नहीं डिगा है। मंगलवार को भी सभी हड़ताली पटवारी घंटाघर धरना स्थल पर डटे रहे और शासन के खिलाफ हुंकार भरते रहे।
पटवारियों की हड़ताल से आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। गिरदावरी जैसे महत्वपूर्ण कार्य रुके पड़े हैं। वहीं 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसी को देखते हुए शासन के निर्देश पर प्रशासन रविवार से एक्शन मोड में आ गया है। बलरामपुर जिले में 5 और कोरबा जिले में 1 पटवारी को निलंबित किया गया है। कोरबा में राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा को शासकीय कार्य में लापरवाही और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने पर कलेक्टर ने सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत निलंबित कर दिया है।
कोरबा जिले में 254 हल्कों में 201 पटवारी पदस्थ हैं, जिनमें से 175 हड़ताली पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। लेकिन सोमवार को कार्यालयीन समय तक न तो किसी ने जवाब दिया और न ही कोई कार्य पर लौटा। उल्टे धरना स्थल पर सभी पटवारियों ने इसे दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा कि वे किसी भी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और न ही झुकेंगे।
संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कहा कि पटवारी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन करते हैं, लेकिन शासन उनकी जायज मांगों को पूरा करने के बजाय दमनात्मक नीति अपना रहा है। जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई पूरे संघ पर कार्रवाई है। सरकार जितनी बड़ी कार्रवाई करेगी, आंदोलन उतनी ही ऊर्जा के साथ जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती, तभी पटवारियों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि धान खरीदी के लिए रकबा अपडेट करना पटवारियों के बिना संभव नहीं है। पटवारियों की 4 प्रमुख मांगें है कि पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति शुरू की जाए। 2017 के वेतन संशोधन से उत्पन्न वेतन विसंगति दूर की जाए।पीवी ऐप की जगह डीसीएस से त्रुटिरहित गिरदावरी कराई जाए।आंदोलन के दौरान की गई निलंबन, ट्रांसफर और नोटिस की कार्रवाई निरस्त की जाए।


