1500 करोड़ के ग्लोबल स्किल पार्क की 60% सीटें खाली

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर          

भोपाल, 03 नवंबर 2026। मध्यप्रदेश सरकार के करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से बने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए आकर्षित करना प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है। यहां संचालित नौ एडवांस्ड कोर्स की कुल 1800 सीटों में से 1070 अब भी खाली हैं। यानी करीब 60 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि अब खाली सीटें भरने के लिए संस्थान के अधिकारियों से लेकर ऑफिस बॉय, ऑफिस असिस्टेंट और मैनेजर तक को विद्यार्थियों के प्रवेश कराने का टारगेट दिया गया है। इसका खुलासा 30 अक्तूबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश से हुआ है। यह आदेश संस्थान की निदेशक (एडमिनिस्ट्रेशन एंड फाइनेंस) रोमा बाजपेयी के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। 30 एकड़ क्षेत्र में करीब 1500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क (एसएसआरजीएसपी) की स्थापना का उद्देश्य युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। दावा किया गया था कि यहां आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सिंगापुर के आईटीईईएस (ITEES) की मदद से फैकल्टी को प्रशिक्षण देने की बात भी कही गई थी। संस्थान में एडवांस्ड कोर्स की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रहना संस्थान के सामने चुनौती को दिखाता है।

200 में से 100 सीटें भी नहीं भर पा रही 
ग्लोबल स्किल पार्क में साल में दो बार प्रवेश होते हैं। युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए नौ कोर्स तैयार किए गए हैं। प्रत्येक कोर्स में 200 सीटें निर्धारित हैं। एक नवंबर से शुरू होने वाले नए सत्र के लिए पर्याप्त संख्या में विद्यार्थियों के प्रवेश नहीं होने पर संस्थान के उद्देश्य पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। इसमें कई कोर्स में तो 100 सीटें भी नहीं भर पाई हैं। 

ऑफिस बॉय को एडमिशन की जिम्मेदारी 
खाली सीटें भरने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम के साथ अलग-अलग प्रवेश लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इसमें ऑफिस बॉय, ऑफिस असिस्टेंट, मैनेजर, एग्जीक्यूटिव, कोर्स हेड, ट्रेनर, लाइफ स्किल्स ट्रेनर, टेक्नीशियन, लाइब्रेरियन, प्लेसमेंट ऑफिसर, कम्युनिकेशन एवं ब्रांडिंग विशेषज्ञ, सेंटर हेड और सांकेतिक भाषा दुभाषिए तक शामिल हैं। यानी संस्थान के अलग-अलग विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी अब प्रवेश बढ़ाने के लिए काम करना होगा।

एडमिशन के लिए संपर्क और प्रचार प्रसार करें 
आदेश में कहा गया है कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम करें। इसके लिए संभावित विद्यार्थियों से संपर्क स्थापित करने, संस्थान के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार करने और प्रवेश लेने के इच्छुक युवाओं को प्रक्रिया में सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी को अपने लक्ष्य की प्राप्ति में अपेक्षित योगदान सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सबसे ज्यादा खाली सीटें एचवीएसी और मैकेनिकल टेक्नोलॉजी में
कोर्सवार आंकड़ों पर नजर डालें तो एडवांस्ड एयर कंडीशनिंग एंड रेफ्रिजरेशन (एचवीएसी) में सबसे ज्यादा 139 सीटें खाली हैं। इसके बाद एडवांस्ड मैकेनिकल टेक्नोलॉजी में 138, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड मेकाट्रॉनिक्स एंड इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स में 134-134 सीटें खाली हैं। वहीं, एडवांस्ड सीएनसी एंड प्रिसिजन इंजीनियरिंग और एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी में सबसे कम 99-99 सीटें खाली हैं। 

किस कोर्स में कितनी सीटें खाली

ग्लोबल स्किल पार्क, भोपाल | कुल 1800 सीटें

कोर्सकुल सीटेंखाली सीटें
एडवांस्ड एयर कंडीशनिंग एंड रेफ्रिजरेशन200139
एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी200109
एडवांस्ड सीएनसी एंड प्रिसिजन इंजीनियरिंग20099
एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी20099
एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स (एआई एंड आईओटी इंटीग्रेशन)200134
एडवांस्ड मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल सर्विसेज200114
एडवांस्ड मैकेनिकल टेक्नोलॉजी200138
एडवांस्ड मेकाट्रॉनिक्स एंड इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स200134
एडवांस्ड नेटवर्किंग एंड सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन200104
कुल18001070

अब तक दाखिले –  730, खाली सीटें – 1070

जिम्मेदार क्या बोले- 
संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क की सीईओ अदिति गर्ग का कहना है कि इस वर्ष हमकों एडमिशन के लिए दो हजार से ज्यादा आवेदन मिले है, जिसमें से हमें 1100 के करीब ही प्रवेश देना हैं। जिस आदेश की आप बात कर रहे है, वह इंटर्नल ऑफिस आदेश हैं। उसमें एडमिशन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को मदद करने के लिए जिम्मेदारी दी गई हैं।

 

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