वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुशखबरी, रेल किराए में दोबारा छूट देने की तैयारी में सरकार

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 10 अगस्त 2022। रेल किराए में वरिष्ठ नागरिकों को दोबारा छूट देने की तैयारी है। संसद की एक स्थायी समिति ने ट्रेन के एसी-3 और स्लीपर श्रेणी के किराए में वरिष्ठ नागरिकों को रियायत देने पर विचार करने का सुझाव दिया है। समिति ने कहा कि लगभग ढाई साल पहले कोविड महामारी के दौरान वरिष्ठ नागरिकों की विभिन्न श्रेणियों में खत्म की गई रियायतों की पुन: समीक्षा की जानी चाहिए। रेल संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने हाल में संसद में पेश रिपोर्ट में यह उल्लेख किया है। समिति ने कहा, रेलवे ने महामारी और कोविड प्रोटोकॉल के मद्देनजर वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न श्रेणी में दी जाने वाली रियायत बंद कर दी थी। इसमें 58 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रेल किराये में 50 फीसदी और 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के पुरुषों को 40 फीसदी रियायत दी जाती थी।

समिति ने कहा कि रेलवे अब सामन्य स्थिति की ओर आगे बढ़ रही है, इसलिए उन्हें विभिन्न श्रेणियों में दी जाने वाली रियायतों पर विवेकपूर्ण विचार करना चाहिए। समिति चाहती है कि कोविड से पूर्व वरिष्ठ नागरिकों को दी जा रही रियायत की समीक्षा की जाए और कम से कम स्लीपर, एसी-3 में तत्काल रियायत देने पर विचार किया जाए। रेलवे कोरोना महामारी से पूर्व में 54 श्रेणियों में रियायत देती थी।

रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांग की चार श्रेणी, रोगियों व छात्रों सहित कुल 11 श्रेणी में रेल में रियायत शुरू की गई है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को फिलहाल छूट देने का विचार नहीं है। विदित हो कि रेलवे 50 से अधिक श्रेणी में 10 से लेकर 100 फीसदी तक रेल किराये में रियायत देता है।

इन श्रेणियों में थी छूट
रेलवे प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त, वरिष्ठ नागरिक, खिलाड़ी, कलाकार, विधवा, विद्यार्थी, मूक-बधिर, नेत्रहीन, विकलांग, मानसिक रोगी, अपंग यात्री, खिलाड़ी, कलाकार, फिल्म तकनीशियन, आतंकवाद से लड़ते हुए मारे गए पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल के जवानों की विधवाओं आदि को रियायत देती थी। रेलवे द्वारा विभिन्न श्रेणी में दी जाने वाली रियायतों में से 80 फीसदी लाभ वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है।

Leave a Reply

Next Post

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यौन उत्पीड़न पीड़ितों के मामले में अदालतों का संवेदनशील होना महत्वपूर्ण

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर नई दिल्ली 13 अगस्त 2022। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सभी अदालतों के लिए यौन उत्पीड़न पीड़ितों के मानसिक आघात, सामाजिक शर्म और अनचाहे लांछन के प्रति संवेदनशील होना महत्वपूर्ण है। इसके जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने की प्रक्रिया में यह सुनिश्चित […]

You May Like

पंजाब में भीषण सड़क हादसा: ट्रॉला और पिकअप में जबरदस्त टक्कर, डेरा ब्यास जा रहे आठ श्रद्धालुओं की मौत....|....35 सेकंड में युवती का कत्ल: ऑफिस में युवक ने किए 30 वार, एकतरफा प्यार और हत्या में परिवार के दावे से नया मोड़....|....'कूटनीति से ही समाधान संभव': यूएन से सम्मानित मेजर अभिलाषा का शांति संदेश, लेबनान के पुनर्निर्माण की बताई जरूरत....|....राष्ट्रीय स्तर पर 3% गिरावट के बीच यूपी का शानदार प्रदर्शन, जीएसटी संग्रह में 13% बढ़ोतरी, देश में नंबर वन....|....सुरक्षा कटौती पर बिहार में रार: पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने आवास से सुरक्षाकर्मियों को लौटाया; अपमान का लगाया आरोप....|....स्काईवॉक शहर के लिये अनुपयोगी, केंद्रीय जेल की सुरक्षा के लिए भी खतरा....|....एसईसीएल मुख्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया....|....कशिका कपूर ने दिखाई अपनी खास दुनिया....|....प्राग में जिंदगी के खूबसूरत रंगों को जीतीं सेज़ल शर्मा....|....आउटसाइडर से इंडस्ट्री की नई सनसनी बनीं रेवती महुरकर