बैतूल में बनेगा जनजातीय संग्रहालय

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
भोपाल, 03 नवंबर 2026। मध्यप्रदेश में भारतीय इतिहास, संस्कृति और विरासत पर शोध को प्रोत्साहित करने के लिए वीर भारत फैलोशिप शुरू की जाएगी। इसके तहत हर साल दो अध्येताओं को एक-एक साल के लिए 12 लाख रुपए की फैलोशिप दी जाएगी। इसके अलावा बैतूल में केंद्र सरकार के सहयोग से आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। वहीं, उज्जैन के कोठी महल में वीर भारत संग्रहालय बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में वीर भारत न्यास की कार्यसमिति की बैठक हुई। इसमें फैलोशिप, जनजातीय संग्रहालय और उज्जैन में बनने वाले वीर भारत संग्रहालय से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैलोशिप के माध्यम से प्राचीन काल से आधुनिक भारत तक के इतिहास, राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले चिंतकों, कलाकारों और वैज्ञानिकों के कार्यों के साथ देश और प्रदेश की संस्कृति पर शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
सिर्फ युद्ध नहीं, भारत की आंतरिक शक्ति भी दिखाएगा संग्रहालय
उज्जैन के कोठी महल में बनने वाले वीर भारत संग्रहालय में भारत के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें वीरता को केवल युद्ध और शौर्य तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि ऋषियों, शिक्षकों, गणितज्ञों, समाज सुधारकों, विधि निर्माताओं और तीर्थ यात्रियों के योगदान को भी जगह मिलेगी। संग्रहालय के माध्यम से यह बताने की कोशिश होगी कि भारत की पहचान उसकी सैन्य शक्ति के साथ ज्ञान, विचार, सामाजिक एकजुटता, त्याग और सृजन की परंपरा से भी बनी है। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि भारत की आंतरिक शक्ति और उसकी विचार परंपरा से दुनिया को परिचित कराना जरूरी है। वीर भारत न्यास का उद्देश्य आम लोगों को देश के गौरवशाली और पराक्रमी अतीत से जोड़ना है।
बैतूल में जनजातीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की गैलरी
बैतूल में प्रस्तावित आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय में जनजातीय इतिहास गैलरी, जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी प्रदर्शनी, जनजातीय शोध केंद्र और डिजिटल रिपॉजिटरी बनाई जाएंगी। इससे जनजातीय समाज के इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में उसके योगदान को सामने लाने का प्रयास होगा। इस परियोजना में केंद्र सरकार का सहयोग लिया जाएगा।
2024 से आयोजित हो रहे सांस्कृतिक आयोजन
वीर भारत न्यास वर्ष 2024 से सांस्कृतिक, साहित्यिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसके तहत भोपाल में सदानीरा समागम और महाभारत समागम तथा उज्जैन में श्री महाकालेश्वर महोत्सव आयोजित किए जा चुके हैं। बैठक में न्यास के फिल्म समारोह, सांगीतिक प्रस्तुतियों और सोशल मीडिया गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। बैठक में संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, मनीष रस्तोगी और शिवशेखर शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


