2.75 करोड़ की एफडीआर और रिश्वत को लेकर सियासी घमासान,निशाने पर सरकार

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
भोपाल, 14 अक्टूबर 2026। प्रदेश में शराब घोटाले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि वे भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं दे रहे हैं तो जांच के आदेश दें। इस आरोप पर भाजपा या प्रदेश सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से सात सवालों के जवाब मांगे। रमेश ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में जमीन घोटाले के बाद अब शराब घोटाला सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
बता दें कि पटवारी ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया था, जिसके मुताबिक भोपाल में दो शराब दुकानों के ठेकों और उनके हस्तांतरण से जुड़े मामलों में सात गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इनमें 2 करोड़ 75 लाख 53 हजार 535 रुपये की ई-एफडीआर का मामला भी शामिल है, जिसे कथित तौर पर AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने जारी करने से इंकार कर दिया था।
कांग्रेस ने उठाए सात सवाल
जीतू पटवारी ने सवाल किया कि जब बैंक ने एफडीआर जारी ही नहीं की तो 2.75 करोड़ रुपये की एफडीआर स्वीकार कैसे कर ली गई? नियमों के विपरीत 22 दिन की देरी से जमा की गई सिक्योरिटी को मंजूरी क्यों दी गई? उन्होंने यह भी पूछा कि बैंक गारंटी के बिना 76 लाख रुपये की सिक्योरिटी किसके कहने पर स्वीकार की गई।
पटवारी ने शराब ठेके हासिल करने के लिए कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत के खेल का आरोप लगाते हुए पूछा कि इसके पीछे किसका संरक्षण था। उन्होंने फर्जीवाड़े के बावजूद सिक्योरिटी स्वीकार करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और भ्रष्टाचार में कथित रूप से शामिल वल्लभ भवन के अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई में देरी को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय से मामले में जवाब और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल इन आरोपों पर भाजपा और मध्य प्रदेश सरकार का पक्ष सामने नहीं आया है।


