
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
रांची 23 मई 2026। झारखंड की दो राज्यसभा सीटों समेत देशभर की 24 सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन के निधन से खाली हो रही एक सीट और भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण दूसरी सीट पर चुनाव होना है। ऐसे में दोनों सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
संख्या बल के भरोसे महागठबंधन
विधानसभा में संख्या बल के आधार पर महागठबंधन खुद को मजबूत स्थिति में मान रहा है। झामुमो के पास 34 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक हैं। इसी संख्या के आधार पर गठबंधन दोनों सीटों पर जीत का दावा कर रहा है।
हालांकि अंदरखाने सीट बंटवारे को लेकर खींचतान भी सामने आने लगी है। कांग्रेस एक सीट पर अपना दावा ठोक रही है, लेकिन अब तक महागठबंधन में अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
बीजेपी की आक्रामक रणनीति
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी संख्या बल कम होने के बावजूद चुनाव को लेकर आक्रामक रणनीति अपनाए हुए है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दोनों सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने का दावा किया है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि एनडीए की नजर क्रॉस वोटिंग और सत्तापक्ष में सेंधमारी की संभावना पर टिकी हुई है।
चुनाव कार्यक्रम भी हुआ तय
राज्यसभा चुनाव के कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को अधिसूचना जारी हो चुकी है। 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे और 18 जून को मतदान कराया जाएगा। उसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
बिहार-बंगाल की सफलता से उत्साहित बीजेपी
हाल ही में बिहार, असम और पश्चिम बंगाल में मिली राजनीतिक सफलता से भाजपा काफी उत्साहित नजर आ रही है। वहीं इन राज्यों में झामुमो की अनदेखी को लेकर महागठबंधन के भीतर भी असहजता की चर्चा हो रही है। ऐसे में झारखंड का यह राज्यसभा चुनाव सिर्फ संख्या का खेल नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राजनीतिक रणनीति और अंदरूनी समीकरणों की बड़ी परीक्षा भी समझा जा रहा है।


