
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
मुंबई 09 दिसंबर 2025। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच बीती रात बंद कमरे में चर्चा हुई। इस दौरान राज्य मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण भी मौजूद थे। इस बैठक को लेकर शिवसेना ने बताया कि दोनों दलों के नेताओं के बीच मुंबई और ठाणे समेत पूरे महाराष्ट्र में महायुति के रूप में मिलकर नगर निगम चुनाव लड़ने पर सकारात्मक चर्चा हुई।
कार्यकर्ताओं के दल बदल पर रोक
इस बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। जिसमें भाजपा और शिवसेना के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता अब एक-दूसरे की पार्टी में नहीं जा सकेंगे। यह कदम दोनों दलों के बीच होने वाले संभावित तनाव को रोकने और एकजुटता बनाए रखने के लिए माना जा रहा है।
जल्द शुरू होंगी सीटों पर बातचीत
अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अगले 2-3 दिनों में स्थानीय स्तर पर सीटों पर चर्चा शुरू होगी। हर नगर निगम के हिसाब से सीटों का बंटवारा, उम्मीदवारों का चयन और चुनावी रणनीति तय की जाएगी।
मुख्य मुकाबला महायुति बनाम महा विकास आघाड़ी
राज्य में होने वाले इन स्थानीय चुनावों में सीधा मुकाबला दो बड़े गठबंधनों के बीच होने की संभावना है। सत्ता पक्ष महायुति में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट), एनसीपी (अजीत पवार गुट) शामिल है। वहीं विपक्षी महा विकास आघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), एनसीपी (शरद पवार गुट) शामिल है। इन चुनावों को माना जा रहा है कि यह सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति और जनसमर्थन की परीक्षा होंगे, खासतौर पर मुंबई और ठाणे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में।
भाजपा-शिवसेना के बैठक के मायने क्या?
बता दें कि राज्य में लंबे समय से नगर निगम चुनाव टल रहे थे। भाजपा और शिंदे की संयुक्त रणनीति दोनों दलों की मजबूती दिखाने का प्रयास मानी जा रही है। विपक्ष भी जोर-शोर से तैयारी में है, इसलिए मुकाबला कड़ा रहने वाला है।


