
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कोलकाता 23 सितंबर 2025। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और इसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार देर रात से जारी मूसलाधार बारिश की वजह से मंगलवार को आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। दूसरी तरफ अधिकारियों ने बताया कि वर्षा जनित घटनाओं के चलते चार लोगों की मौत हो गई। यह चारों ही लोग वर्षा के दौरान करंट की चपेट में आ गए। अब तक जिन लोगों की जान गई है उनमें तीन की पहचान हो चुकी है। इनमें एक बेनियाकपुर के रहने वाले फिरोज अली खान (50), नेताजी नगर के प्रणतोष कुंडु (62) और इकबालपुल की मुमताज बीबी (70) शामिल हैं। इसके अलावा गरियाहट में एक और व्यक्ति की जान गई, जिसकी पहचान नहीं की जा सकी है। कोलकाता पुलिस ने बताया कि इनमें से एक व्यक्ति सुबह सवा पांच बजे अपने घर से निकला था। हुसैन शाह रोड पर वह करंट की चपेट में आ गया। उसे एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोलकाता के मेयर और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने बताया कि फिलहाल शहर में करंट लगने से चार की मौत की खबर है। उन्होंने कहा कि अभी कोलकाता के ज्यादातर इलाकों में पानी भरा है और महानगरपालिका के कर्मी लगातार पानी निकालने की कोशिश में जुटे हैं।
बारिश की वजह से कई सड़कें पानी से लबालब भर गईं। घरों और आवासीय परिसरों में भी पानी घुस गया। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा बारिश दक्षिण कोलकाता के गरिया कमदहारी इलाके में हुई, जहां कुछ ही घंटों में 332 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, टॉपसिया में 275 मिमी और बालीगंज में 264 मिमी वर्षा दर्ज की गई। उत्तरी कोलकाता के थांटनिया इलाके में भी 195 मिमी बारिश हुई।
बताया गया है कि भारी बारिश के चलते कई जगहों पर तीन फीट तक पानी भर गया। इसके चलते रेलवे पटरियां डूबी रहीं और ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं। इसके अलावा मेट्रो संचालन में भी दिक्कतें आई हैं। मेट्रो रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए शहीद खुदीराम और मैदान स्टेशनों से मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं। वहीं, दक्षिणेश्वर और मैदान स्टेशन के बीच कुछ हिस्सों में ही मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। उधर पूर्वी रेलवे के अधिकारी ने कहा कि पटरियों पर पानी भरने की वजह से सियालदाह के दक्षिणी सेक्शन में ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। हावड़ा और कोलकाता के बीच भी कुछ टर्मिनल स्टेशनों के बीच ट्रेन सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा कुछ स्कूलों ने भी बारिश के चलते छुट्टी का एलान कर दिया। दफ्तर जाने वालों को यातायात से जुड़ी समस्याओं और वाहनों की कमी के चलते परेशानी झेलनी पड़ी।
क्या है भारी बारिश की वजह?
भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में बुधवार तक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 25 सितंबर के आसपास खाड़ी में एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है, जिससे बारिश का सिलसिला और बढ़ सकता है।


