
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 08 अगस्त 2025। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर एक बार हमला साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा, ‘वोट चोरी सिर्फ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है। देश के गुनहगार सुन लें- वक्त बदलेगा, सजा जरूर मिलेगी। इससे पहले बीते दिन दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों को इस ‘धोखाधड़ी’ की जानकारी देते हुए विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया था कि भारत के चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना तीसरा कार्यकाल मिला। राहुल गांधी ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी सिर्फ 25 सीटों के अंतर से प्रधानमंत्री बने। चुनाव आयोग भाजपा को भारत में चुनावी व्यवस्था को नष्ट करने में मदद कर रहा है। चुनाव आयोग हमें महादेवपुर (कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र) में आंकड़े नहीं दे रहा है। अगर हम अन्य लोकसभा सीटों पर भी ऐसा करें, तो हमारे लोकतंत्र की सच्चाई सामने आ जाएगी।’
कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया के सीसीटीवी और वेबकास्टिंग फुटेज को पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद केवल 45 दिनों तक ही सुरक्षित रखने के निर्देश के जरिए सबूत नष्ट कर रहा है। इस दौरान ही चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
चुनाव आयोग ने मांगा शपथ पत्र
इस बीच कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में हेराफेरी के गांधी के आरोपों का संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें शपथ-पत्र देकर अपना सबूत पेश करने को कहा। इसके अलावा 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में मतदाता धोखाधड़ी के उनके आरोपों के संबंध में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने विपक्ष के नेता से एक शपथ पत्र प्रस्तुत करने और मतदाता सूची में कथित रूप से मतदाताओं के नाम शामिल करने या हटाने के प्रमाण प्रदान करने को भी कहा है।
भाजपा ने किया पलटवार
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर हमला करने वाले राहुल गांधी के आरोपों पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि कांग्रेस ने कानूनी तरीकों से आपत्ति क्यों नहीं जताई और पार्टी पर चुनावी नतीजों के आधार पर निर्वाचन आयोग को चुनिंदा रूप से निशाने पर लेने का आरोप लगाया। जोशी ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों का जवाब देते हुए एएनआई से कहा कि उन्हें गंभीरता से लेने की कोई जरूरत नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने कोई आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई? उन्होंने कोई चुनाव याचिका क्यों नहीं दायर की?


