
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
बिलासपुर 15 जुलाई 2025। भारत में योग का अभ्यास प्राचीन काल से होता आ रहा है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन और आत्मा को भी शांति प्रदान करता है। यह एक ऐसा अभ्यास है जो शरीर के दर्द कम करने के साथ-साथ कई बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद करता है। खासतौर पर डायबिटीज (मधुमेह) जैसी बीमारी के इलाज और नियंत्रण में योग का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
क्या योग से डायबिटीज कंट्रोल हो सकती है?
जी हां, योग के कई आसन ऐसे हैं जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। ये आसन पैंक्रियाज (अग्न्याशय) को उत्तेजित करते हैं, जिससे इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है। इसके अलावा योग तनाव कम करता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत जरूरी है। तनाव बढ़ने पर शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो ब्लड शुगर को प्रभावित करता है। योग के नियमित अभ्यास से यह तनाव भी कम होता है और ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार सावलिया की सलाह
आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार सावलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर डायबिटीज के मरीजों के लिए पांच बेहतरीन योगासनों के बारे में जानकारी दी है। ये योगासन डायबिटीज के इलाज और प्रबंधन में मददगार माने जाते हैं। अगर आप भी डायबिटीज के मरीज हैं, तो इन योगासनों का नियमित अभ्यास करें और अपनी सेहत बेहतर बनाएं।
डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद 5 योगासन
बालासन
बालासन तनाव कम करता है और पाचन को बेहतर बनाता है। यह शरीर को रिलैक्सेशन देता है और कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को घटाता है। साथ ही यह पैंक्रियाज में रक्त प्रवाह बढ़ाने में मदद करता है। बालासन का नियमित अभ्यास मानसिक शांति और डायबिटीज नियंत्रण दोनों के लिए लाभकारी होता है।
मंडूकासन
मंडूकासन पैंक्रियाज को सक्रिय करता है और इंसुलिन स्राव बढ़ाता है। यह पाचन को सुधारता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा यह पेट की चर्बी कम करने और इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने में भी सहायक है।
भुजंगासन
भुजंगासन भी डायबिटीज के नियंत्रण में मदद करता है। यह पैंक्रियाज को उत्तेजित करता है, इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। यह तनाव कम करता है और पेट के अंगों में रक्त प्रवाह बढ़ाता है। नियमित अभ्यास से ब्लड शुगर स्तर नियंत्रित रहता है और मेटाबॉलिक हेल्थ सुधरती है।
धनुरासन
धनुरासन इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है और पैंक्रियाज की कार्यक्षमता में सुधार करता है। यह पाचन को बेहतर बनाता है और तनाव को कम करता है। इसके नियमित अभ्यास से ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार पूरे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद योगासन है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है और शरीर को फिट रखने में मदद करता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए सूर्य नमस्कार नियमित करना बहुत जरूरी है।
योग का नियमित अभ्यास क्यों जरूरी है?
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे नियंत्रित करना आसान नहीं होता। दवाओं के साथ-साथ सही खानपान और नियमित व्यायाम जरूरी होते हैं। योग भी इन्हीं में से एक अहम तरीका है। नियमित योगाभ्यास से शरीर के अंदर की कई प्रक्रियाएं संतुलित होती हैं और शरीर स्वस्थ रहता है। इससे आप अपनी डायबिटीज को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।


