
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 03 अगस्त 2025। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत ने 2024 में 18,900 से अधिक अंग प्रत्यारोपण करने की शानदार उपलब्धि हासिल की है। एक वर्ष में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। उन्होंने अंगदानकर्ताओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि उनके निस्वार्थ कार्य ने समाज में कई लोगों के लिए दुख को आशा और क्षति को जीवन में बदल दिया है। नड्डा ने कहा कि यह 2013 में 5,000 से भी कम प्रत्यारोपण की तुलना में एक महत्वपूर्ण छलांग है। उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण की कुल संख्या के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है, तथा केवल अमेरिका और चीन से पीछे है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत हाथ के प्रत्यारोपण में विश्व में अग्रणी है, जो हमारी अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा क्षमताओं और हमारे चिकित्सा पेशेवरों के अटूट समर्पण को दर्शाता है। 2023 में आधार-आधारित एनओटीटीओ ऑनलाइन प्रतिज्ञा पोर्टल की शुरुआत के बाद से अब तक 3.30 लाख लोगों ने अंगदान की शपथ ली है, जो देश में जागरूकता की बड़ी मिसाल है।
अंग खराब के मामलों में वृद्धि चिंताजनक
राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन द्वारा 15वें भारतीय अंगदान दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में नड्डा ने कहा कि प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले रोगियों और अंगदान करने वालों की संख्या के बीच काफी अंतर है। उन्होंने कहा, अंग खराब होने के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हो रही है, जिससे जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
एक व्यक्ति अंगदान करके 8 लोगों की बचा सकता है जान
नड्डा ने आगे कहा कि प्रत्येक अंगदाता एक मूक नायक होता है, जिसका निस्वार्थ कार्य दुख को आशा और क्षति को जीवन में बदल देता है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति हृदय, फेफड़े, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय और आंत दान करके 8 लोगों की जान बचा सकता है। इसके अलावा, ऊतक दान के माध्यम से अनगिनत लोगों की जान बदली जा सकती है।


