
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 05 जून 2024। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जयराम रमेश ने कहा है कि मणिपुर के लोगों ने दोनों सांसद कांग्रेस के चुनकर एक मजबूत संदेश दिया है। यह हिंसा प्रभावित राज्य में राहुल गांधी की यात्रा का परिणाम है। संघर्षग्रस्त मणिपुर में मंगलवार को आए लोकसभा चुनाव परिणाम में कांग्रेस के दोनों सांसदों ने जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी अल्फ्रेड कन्नगम एस आर्थर ने बाहरी मणिपुर सीट 85 हजार 418 वोटों से जीत दर्ज की। अल्फ्रेड ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी एनपीएफ के कचुई टिमोथी जिमिक को शिकस्त दी। वहीं आंतरिक मणिपुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने बीजेपी प्रत्याशी थौनाओजम बसंतकुमार को एक लाख 9 हजार 801 वोटों से हरा दिया।
‘प्रधानमंत्री मोदी मुसीबत के समय मणिपुर के लोगों से नहीं मिले’
सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जयराम रमेश ने लिखा, ‘ 3 मई 2023 से हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर के लोगों ने मणिपुर आंतरिक और बाहरी दोनों सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी को चुनकर एक शक्तिशाली संदेश दिया है। यह जीत राहुलगांधी की उस यात्रा को सलामी जो उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 29 और 30 जून को हिंसा ग्रसित राज्य में की। जबकि राज्य सरकार ने राहुल गांधी की यात्रा के प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
यह नरेंद्र मोदी पर करारा प्रहार है, जो खुद मुसीबत के समय मणिपुर के लोगों तक नहीं पहुंचे और और ना ही कुछ समय के लिए भी मणिपुर की यात्रा की। अब कांग्रेस के चुने हुए दोनों सांसदों पर यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वह यहां के लोगों से मिलजुलकर भाईचारे की भावना को बढ़ाएंगे।’
मई 2023 से हिंसा से जूझ रहा है मणिपुर
मणिपुर पिछले साल 2023 मई से संघर्षरत है, जब घाटी में बड़ी आबादी वाले मैतई समुदाय ने अनुसूचित जनजाति के दर्जे की मांग की थी। इसके विरोध में पहाड़ी इलाकों में कुकी आदिवासियों ने जुलूस निकाला था और इसी के बाद से ही राज्य में जातीय हिंसा भड़क गई थी। तब से हिंसा की आग में जल रहे प्रदेश में सुरक्षा कर्मियों सहित दोनों समुदायों के 220 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।