पार्थ चटर्जी ने मेरे घर को बना रखा था ‘मिनी बैंक’, एक कमरे में भरे थे नोट; अर्पिता मुखर्जी का ईडी से खुलासा

शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर          

कोलकाता 27 जुलाई 2022। पश्चिम बंगाल में स्कूल जॉब घोटाले में गिरफ्तार किए गए राज्य सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी ने बड़ा खुलासा किया है। अर्पिता मुखर्जी का कहना है कि पार्थ चटर्जी उसके घर को ‘मिनी बैंक’ की तरह इस्तेमाल करते थे। अर्पिता ने बताया कि पार्थ चटर्जी उसके घर में ही पैसा रखा करते थे। ईडी के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। वहीं ईडी के इस दावे को अर्पिता मुखर्जी के वकीलों की ओर से चुनौती दी जा सकते है। वकीलों का कहना है कि ईडी की ओर से जांच की डिटेल को मीडिया से लीक किया जा रहा है, जो गलत है। इसके साथ ही वकीलों की ओर से केंद्रीय एजेंसियों की ओर से दर्ज केसों में लोगों के दोषी पाए जाने की कम दर का भी सवाल उठाया जा सकता है।

ईडी को अर्पित मुखर्जी के घर पर छापेमारी के दौरान 21 करोड़ रुपये नकदी बरामद हुई थी। कभी ऐक्टर और मॉडल रही अर्पिता मुखर्जी बीते कुछ सालों से पार्थ चटर्जी की करीबी थी। शनिवार को पार्थ और अर्पिता को गिरफ्तार किया गया था। उससे पहले अर्पिता के घर से बरामद हुए नोटों के जखीरे की तस्वीरें काफी वायरल हुई थीं। सूत्रों के मुताबिक अर्पिता ने बताया कि पूरी रकम को उसके घर के एक कमरे में रखा जाता था, जहां पार्थ चटर्जी और उसके लोगों की ही एंट्री थी। अर्पिता का कहना है कि हर सप्ताह या फिर 10 दिन में एक बार पार्थ चटर्जी उसके घर पर आया करते थे। 

ईडी के सूत्रों ने एक और महिला का ऐंगल भी बताया है। उन्होंने कहा कि अर्पिता ने बताया कि मेरे घर के अलावा एक और महिला के मकान को पार्थ मिनी बैंक के तौर पर इस्तेमाल करते थे। दूसरी महिला भी पार्थ चटर्जी की ही करीबी दोस्त बताई जा रही है। अर्पिता ने कहा कि मंत्री ने कभी उसे यह नहीं बताया था कि कमरे में कितनी रकम रखी गई है। अर्पिता ने बताया कि एक बंगाली ऐक्टर ने उनका परिचय पार्थ चटर्जी से कराया था। यह मुलाकात 2016 में हुई थी और तब से ही दोनों एक-दूसरे के करीब थे। अर्पिता ने पूछताछ के दौरान यह भी स्वीकार कर लिया है कि यह रकम ट्रांसफर पोस्टिंग के एवज में ली गई घूस और कॉलेजों को मान्यता दिलाने के एवज में लिए पैसे से जुटी थी। 

पार्थ चटर्जी खुद नहीं लाते थे रकम, सहायक करते थे काम

अर्पिता ने यह भी बताया कि यह रकम पार्थ चटर्जी खुद कभी नहीं लाते थे। उनके सहायकों की ओर से रकम लाई जाती थी। पार्थ चटर्जी और अर्पिता को फिलहाल 3 अगस्त तक एजेंसी की हिरासत में भेजा गया है। एजेंसी का कहना है कि इस दौरान पूछताछ में कुछ अहम खुलासे हो सकते हैं।

Leave a Reply

Next Post

कंगारू कोर्ट चला रहा मीडिया, 2024 में भाजपा सत्ता में नहीं लौटेगी; पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर           कोलकाता 27 जुलाई 2022 । बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी की ईडी की ओर से गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी ने कहा है कि मैं किसी एजेंसी के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन इसका इस्तेमाल राजनीतिक दलों को बदनाम करने के लिए नहीं होना चाहिए। ममता बनर्जी ने […]

You May Like

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय....|....विधानसभा में अफीम की खेती मुद्दे पर हो रहा हंगामा....|....सऊदी की ईरान को खुली चेतावनी- हमले जारी रहे तो होगा “सबसे बड़ा नुकसान”....|....'बिना किसी भेदभाव के सभी को न्याय मिलेगा...' जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं; दिए ये निर्देश....|....मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त की जारी, 641 करोड़ रुपये अंतरित....|....छत्तीसगढ़ में बालोद कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जयस्तंभ चौक सील; पुलिस बल तैनात....|....शक्ति की समृद्धि: आर्थिक आत्मनिर्भरता देगी नारी शक्ति को नई उड़ान, घर से बदलाव की शुरुआत....|....हिंदू युवतियों का धर्मांतरण: संदिग्ध आतंकी से पूछताछ, ये हैं वो सवाल, जिनके अयान जावेद ने नहीं दिए जवाब....|....अमरोहा: मटर प्लांट में अमोनिया गैस का रिसाव, छह महिलाओं कर्मियों की हालत बिगड़ी, अन्य में मची भगदड़....|....कोच के तौर पर भी चैंपियन गंभीर: दो आईसीसी ट्रॉफी दिलाने वाले पहले भारतीय कोच बने गौतम, आलोचकों को दिया जवाब