केजरीवाल सरकार का ऐलान- अन्य राज्यों की तरह दिल्ली का भी होगा अपना शिक्षा बोर्ड

शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

नई दिल्‍ली 06 मार्च 2021। दिल्ली का अपना शिक्षा बोर्ड होगा। केजरीवाल सरकार ने शनिवार को ‘दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन’ के गठन को मंजूरी दे दी।  अभी तक राज्‍य में केवल CBSE और ICSE बोर्ड की पढ़ाई होती है मगर अब छात्र दिल्‍ली बोर्ड के संबद्ध स्‍कूलों में दिल्‍ली बोर्ड द्वारा प्रस्‍तावित सिलेबस की पढ़ाई कर सकेंगे।  इस मौके पर मुख्‍यमंत्री ने कहा कि अन्‍य राज्‍यों के भी अपने शिक्षा बोर्ड हैं और दिल्‍ली बोर्ड की पढ़ाई 2021-22 सेशन से ही शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इस फैसले का असर केवल दिल्‍ली की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर नहीं, बल्कि पूरे देश की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर होगा। 

नए बोर्ड बनाने के 3 लक्ष्य हैं:

  1. ऐसे बच्चे तैयार करना है जो कट्टर देशभक्‍त हों। 
  2. सभी धर्म जाति के बच्चे अच्छे इंसान बनें। 
  3. यह बोर्ड ऐसी शिक्षा देगा जो बच्चों को अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करेगा, उसे रोजगार देगा। 

नये बोर्ड की ये होंगी खासियत

  • आज शिक्षा तंत्र रटने पर ज़ोर देता है लेकिन नया बोर्ड समझने पर ज़ोर देगा।  
  • बच्चों के असिसमेंट के लिए हाई टेक तकनीक का इस्तेमाल होगा. बच्चों को रट्टू तोता नही बनाया जाएगा। 
  • दिल्ली में ज्यादातर स्कूल CBSE हैं. दिल्ली के शिक्षा बोर्ड को 20 से 25 सरकारी स्कूल से CBSE की पढ़ाई हटाकर लागू किया जाएगा। 
  • एक गवर्निंग बॉडी, एक्सक्यूटिव बॉडी भी बनाई जाएगी। 

ये है बोर्ड का रोडमैप

  • इस साल 2021-22 में 20-25 सरकारी स्कूलों को इस बोर्ड के तहत लेकर आएंगे। 
  • यह स्‍कूल कौन-कौन से होंगे यह स्कूल प्रिंसिपल से बात करके तय किया जाएगा। 
  • इन स्‍कूलों से CBSE बोर्ड की मान्यता हटाकर दिल्‍ली बोर्ड की मान्यता लागू की जाएगी। 
  • उम्मीद है 4 से 5 साल के अंदर स्वैच्छिक तौर पर सभी स्कूल इसके तहत आ जाएंगे । 


मुख्‍यमंत्री ने कहा, “दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एक हीन भावना हुआ करती थी।  जब हमने बजट का 25% शिक्षा पर खर्च करना शुरू किया तो बदलाव आना शुरू हुआ. हमने इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया और टीचर्स को विदेशों में ट्रेनिंग के लिए भेजा।  हमने अपने छात्रों को विदेश भेजना शुरू किया और फिजिक्स केमिस्ट्री के ओलिंपियाड के लिए विदेश में भेजा. कई जगहों से हमारे दिल्ली के बच्चे मेडल जीतकर लौटे. हमने अपने प्रिंसिपल को एंपावर किया, अभी तक हर स्कूल के अंदर डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन का बहुत ज्यादा दखल होता था. छोटी छोटी चीजों के लिए डायरेक्टरेट से मंजूरी लेनी होती थी लेकिन अब हमने प्रिंसिपल को पावर दे दी और 5,000 के काम से उसकी पावर बढ़ाकर 50,000 कर दी। ”

उन्‍होंने आगे कहा, “हमने हर स्कूल के अंदर एस्टेट मैनेजर की नियुक्ति की. कई तरह के नए नए प्रयोग किए गए, मिशन चुनौती और मिशन बुनियाद शुरू किया।  हैप्पीनेस करिकुलम लेकर आए जिससे बच्चे तनाव मुक्त होते हैं और मेडिटेशन करते हैं। पिछले 6 साल में कई सारे प्रयोग किए गए जिसकी वजह से सरकारी स्कूल के नतीजे 98 फ़ीसदी आने लग गए. हमारे बच्चों के मेडिकल इंजीनियरिंग और बड़े-बड़े कॉलेज में एडमिशन होने शुरू हो गए और पेरेंट्स को भरोसा होना शुरू हो गया कि सरकारी स्कूल में बच्चों का भविष्य सुरक्षित है। “

Leave a Reply

Next Post

इमरान खान ने बचा ली सत्ता, विश्वास मत किया हासिल

शेयर करे178 वोट पड़े पक्ष में, असेंबली के बाहर विपक्ष पर हमला, मचा हंगामा छत्तीसगढ़ रिपोर्टर           इस्लामाबाद 06 मार्च 2021। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को संसद में सत्ता बचाने की बड़ी परीक्षा में कामयाबी हासिल कर ली है। लगभग एक घंटे तक चले विश्वास मत की प्रक्रिया में […]

You May Like

आत्मविश्वास और करिश्मे की तस्वीर पेश करता है निट सी का "इम्पाला"....|....लोमड़ अभिनेता हेमवंत तिवारी की दुनिया की पहली डबल रोल, सिंगल शॉट बिना कट फिल्म 'कृष्णा अर्जुन' से वापसी....|....मुंबई में तीन दिवसीय आपकॉन 2025 "आयुर्वेद पर्व" एक्सपो का आयोजन....|....13 घंटे चले मंथन के बाद वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित; पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95....|....'भारतीय सिनेमा के प्रतीक, देशभक्ति उनकी फिल्मों में झलकती थी', मनोज कुमार के निधन पर पीएम मोदी....|....'मणिपुर में राष्ट्रपति शासन नहीं चाहता केंद्र', अमित शाह बोले- बातचीत आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता....|....'लंबे समय से हाशिये पर रहे लोगों को सहारा मिलेगा', वक्फ बिल पास होने पर बोले पीएम मोदी....|....अभिनेता मनोज कुमार के निधन पर शोक की लहर, एक्टर्स ने जताया दुख; बोले- ‘देश की धड़कन..’....|....स्वामी आत्मानंद का नाम बदलना छत्तीसगढ़ के महापुरूषों का अपमान - कांग्रेस....|....छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 3 अतिरिक्त जज, तीनों ने ली शपथ