पटाखों के धुएं से लेकर खान-पान तक बरतें ये सावधानियां

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली, 07 नवंबर 2026। दिवाली खुशियों, रोशनी और उत्सव का त्योहार है। इस दौरान घरों में मिठाइयां बनती हैं, पटाखे जलाए जाते हैं और परिवार के लोग एक साथ मिलकर जश्न मनाते हैं। हालांकि, गर्भवती महिलाओं के लिए यह समय थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतने का होता है।
दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं, बढ़ता वायु प्रदूषण, तेज आवाज और खान-पान में लापरवाही मां और होने वाले बच्चे की सेहत को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में त्योहार का आनंद लेने के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। आइए जानते हैं दिवाली के दौरान गर्भवती महिलाओं को किन 7 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
1. पटाखों के धुएं और प्रदूषण से रहें दूर
दिवाली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा को प्रदूषित कर सकता है। इसमें मौजूद सूक्ष्म कण और हानिकारक गैसें सांस से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकती हैं। गर्भवती महिलाओं को पटाखे जलाने वाली जगहों और ज्यादा धुएं वाले इलाकों से दूर रहना चाहिए। बाहर प्रदूषण ज्यादा होने पर घर के अंदर रहना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल कर सकती हैं, लेकिन इसे प्रदूषण से पूरी सुरक्षा न समझें।
2. तेज आवाज वाले पटाखों से बनाएं दूरी
पटाखों और आतिशबाजी की तेज आवाज से बचना बेहतर है। गर्भावस्था में तेज आवाज के संपर्क को सीमित रखना समझदारी है। खासतौर पर लाउडस्पीकर और तेज धमाके वाले पटाखों के आसपास खड़े होने से बचें। दिवाली का जश्न मनाने के लिए शांत और सुरक्षित जगह चुनें।
3. खान-पान का रखें विशेष ध्यान
दिवाली पर मिठाइयां, नमकीन और तली-भुनी चीजें खूब खाई जाती हैं। गर्भवती महिलाओं को इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, दालें, दूध और प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें। बाजार की खुली मिठाइयों और अस्वच्छ भोजन से बचें। गर्भावधि मधुमेह होने पर डॉक्टर की बताई डाइट का पालन करें।
4. पर्याप्त नींद और आराम करें
त्योहार के दौरान देर रात तक जागना और लगातार मेहमानों के साथ व्यस्त रहना थकान बढ़ा सकता है। गर्भवती महिलाओं को अपनी नींद और आराम का पूरा ध्यान रखना चाहिए। शरीर में कमजोरी या थकान महसूस होने पर काम रोककर आराम करें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की शारीरिक गतिविधियां जारी रख सकती हैं।
5. पटाखे जलाने और आग के आसपास जाने से बचें
गर्भावस्था के दौरान पटाखे जलाने से बचना बेहतर है। इससे जलने, चोट लगने और धुएं के संपर्क में आने का खतरा रहता है। दीये और मोमबत्तियां जलाते समय भी सावधानी रखें। ढीले और सिंथेटिक कपड़ों की जगह आरामदायक सूती कपड़े पहनें। आग के पास जाते समय दुपट्टे और साड़ी के पल्लू का विशेष ध्यान रखें।
6. डॉक्टर की सलाह और दवाइयों का रखें ध्यान
अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अस्थमा या गर्भावस्था से जुड़ी कोई दूसरी परेशानी है, तो डॉक्टर की सलाह का पालन करें। अपनी नियमित दवाइयां समय पर लें और डॉक्टर की अनुमति के बिना कोई नई दवा या हर्बल प्रोडक्ट इस्तेमाल न करें। दिवाली के दौरान भी अपनी नियमित प्रेग्नेंसी जांच न टालें।
दिवाली के दौरान गर्भवती महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए?
- ज्यादा प्रदूषण और धुएं वाली जगहों पर जाने से बचें
- तेज आवाज वाले पटाखों के आसपास न रहें
- जरूरत से ज्यादा मिठाई और तला-भुना खाना न खाएं
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां न लें
- भारी सामान उठाने और बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत से बचें
- देर रात तक जागकर अपनी नींद खराब न करें
- घर में धूम्रपान और तेज गंध वाले केमिकल का इस्तेमाल न करें


