कतर-पाकिस्तान के साथ गुप्त कूटनीतिक पहल

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
वॉशिंगटन, 07 नवंबर 2026। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पिछले दो सप्ताह से ईरान के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत में सीधे शामिल हैं। इस बातचीत का मकसद नया युद्धविराम समझौता करना और रुकी हुई परमाणु वार्ता को दोबारा शुरू करना है। समाचार एजेंसी एएनआई ने एक्सियोस की रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वेंस की सीधी भागीदारी से यह बातचीत अमेरिकी प्रशासन के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई है। वेंस की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब उन्होंने इस सप्ताह रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार के पीछे ईरान संघर्ष को एक प्रमुख वजह बताया था।
ट्रंप ने कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ने की दी छूट
अमेरिकी अधिकारियों और क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ने देने के पक्ष में हैं। वह यह देखना चाहते हैं कि क्या बातचीत के जरिए कोई समझौता हो सकता है। शुक्रवार को ईरान के लिए अपने संदेश के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने पत्रकारों से कहा “हम उनसे बात कर रहे हैं।” हालांकि, सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ट्रंप दोबारा सैन्य कार्रवाई का आदेश देते हैं तो अमेरिकी सेना जल्द से जल्द हमले शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कतर और पाकिस्तान के नेताओं से रोजाना बातचीत कर रहे वेंस
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, जेडी वेंस कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और अन्य मध्यस्थों के साथ रोजाना बातचीत कर रहे हैं। इस कूटनीतिक प्रयास में व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के सलाहकार एवं दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, वेंस ने कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच जल्द ही तकनीकी स्तर की बैठक कराने की संभावना पर भी चर्चा की है। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई बैठक नहीं हो पाई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति कार्यालय ने इन बातचीत पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
युद्ध से पहले भी कूटनीति के पक्ष में थे जेडी वेंस
रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने से पहले भी वेंस राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सहयोगियों में सबसे ज्यादा कूटनीतिक समाधान के पक्ष में थे। वह लगातार बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की पैरवी कर रहे थे। इससे पहले अप्रैल में इस्लामाबाद में ईरान पर हुई बैठक के दौरान उन्होंने अमेरिकी वार्ता दल का नेतृत्व किया था। जून में दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने में भी उनकी अहम भूमिका रही थी।
इसके बाद वेंस ने स्विट्जरलैंड में हुई सीधी बातचीत में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। इस बातचीत के बाद तेहरान ने परमाणु ठिकानों पर संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों को दोबारा आने देने का वादा किया था। हालांकि, कुछ समय बाद यह समझौता टूट गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की इकाइयों ने वाणिज्यिक जहाजों पर फिर से हमले शुरू कर दिए थे।
ईरान को पत्र लिखकर बातचीत शुरू करने का दिया था प्रस्ताव
मौजूदा कूटनीतिक प्रयासों को करीब दो सप्ताह पहले गति मिली, जब वेंस ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई को औपचारिक पत्र भेजा था। रेजाई को ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का करीबी माना जाता है। इस पत्र में वेंस ने दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधियों ने संकेत दिया कि वेंस के पत्र से बातचीत बहाल करने की दिशा में सकारात्मक माहौल बना है। बुधवार को वेंस ने एक बार फिर कहा कि ईरान संघर्ष रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ मतदाताओं के फैसले की सबसे बड़ी वजह रहा।
ट्रंप ने कतर के अमीर से भी की बातचीत
मध्यस्थता में शामिल लोगों के अनुसार, बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। शुक्रवार सुबह भी कूटनीतिक प्रयास जारी रहे। इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बातचीत की। चर्चा का मुख्य मुद्दा वाशिंगटन और तेहरान के बीच मतभेद कम करने के लिए दोहा की कोशिशें थीं। कतर के अमीर ने अपने सचिवालय की ओर से जारी बयान में कहा कि संवाद जारी रखना और मतभेदों को कूटनीतिक तरीकों से सुलझाना जरूरी है। उन्होंने क्षेत्र में तनाव बढ़ने से रोकने, समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।


