डाइट में फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और ओमेगा-3 वाले खाद्य पदार्थ डाइट में शामिल करें

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली, 04 अक्टूबर 2026। जोड़ों के दर्द की समस्या हर उम्र वालों में बढ़ती देखी जा रही है। इसके खतरों को कम करने के लिए डाइट में फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और ओमेगा-3 वाले खाद्य पदार्थ डाइट में शामिल सकते हैं, जबकि अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन, ज्यादा चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा वाली चीजें कम खाना चाहिए।
जोड़ों के दर्द और गठिया की समस्या आज के समय में बहुत आम हो गई है, चिंता की बात ये है कि अब ये सिर्फ बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि कम उम्र के लोगों को भी प्रभावित कर रही है। लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी के अलावा बढ़ते वजन और कुछ प्रकार की ऑटोइम्यून बीमारियों को विशेषज्ञ इसका बड़ा कारण मान रहे हैं।
अलग-अलग तरह के गठिया और जोड़ों की समस्याओं के कारण भी अलग होते हैं। फिर भी भोजन शरीर के वजन, सूजन और कुल स्वास्थ्य पर असर डालता है, इसलिए सही डाइट लेने से लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, सीड्स-नट्स और मछली जैसे खाद्य पदार्थों से भरपूर डाइट जोड़ों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। वहीं अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड्स, ज्यादा चीनी और वसा वाली चीजों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ कम से कम खाने की सलाह देते हैं। अगर आप भी जोड़ों की दिक्कतों से परेशान हैं तो आइए जान लेते हैं कि इस समस्या से कैसे बचाव किया जा सकता है?
कैसी होनी चाहिए डाइट
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार जोड़ों की सेहत को ठीक रखने के लिए फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और सीड्स जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है। फैटी फिश में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जिसे अध्ययनों में सूजन को कम करने और गठिया के लक्षणों में सुधार करने वाला पाया गया है।
कौन सी चीजें हो सकती हैं नुकसानदायक?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स, ज्यादा चीनी, अस्वास्थ्यकर वसा और अत्यधिक रेड मीट वाली डाइट कम से कम खानी चाहिए। ऐसी डाइट वजन और शरीर में सूजन के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। घुटनों पर अतिरिक्त वजन पड़ने से दर्द और चलने-फिरने की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए हमेशा उन चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए जिनसे वजन बढ़ने का खतरा हो।
वजन का जोड़ों पर असर
जोड़ों की सेहत को ठीक रखने के लिए शरीर के वजन को कंट्रोल में रखना जरूरी माना जाता है। घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस में शरीर का ज्यादा वजन जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इसलिए पूरी डाइट को संतुलित करना, शारीरिक गतिविधि बनाए रखना और वजन को कंट्रोल करना जरूरी है। अध्ययनों से पता चलता है कि शरीर के वजन को 5-10% भी कम करके अधिक वजन के कारण होने वाली दिक्कतों में काफी सुधार किया जा सकता है।


