‘टेस्ट क्रिकेट को वैभव की जरूरत’

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर          

नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026। भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट को वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी की जरूरत है। द्रविड़ ने कहा कि सूर्यवंशी को लाल गेंद क्रिकेट के लिए काफी समय और एक्सपोजर की जरूरत है। वैभव सूर्यवंशी इस बार दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की तरफ से खेल रहे हैं। दलीप ट्रॉफी की शुरुआत रविवार से हो रही है। वैभव इस दौरान टीम के उपकप्तान की भूमिका में भी नजर आने वाले हैं। 

क्रिकेट की नई सनसनी बनकर उभरे हैं वैभव
वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट की नई सनसनी बनकर उभरे हैं और उन्होंने आईपीएल 2026 में दमदार प्रदर्शन किया था। वैभव ने इसी साल इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू किया था। वैभव अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा हैं। राहुल द्रविड़ जब राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच थे तो राजस्थान फ्रेंचाइजी ने वैभव को आईपीएल नीलामी में खरीदा था। अब द्रविड़ ने वैभव को टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार बता दिया है। द्रविड़ ने यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) के अनावरण के लिए डबलिन में एक इवेंट में कहा, यह बहुत अच्छी बात है कि वैभव को भारत में आईपीएल के जरिए कुछ सीमित ओवर प्रारूप में क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है, लेकिन उन्हें भारतीय घरेलू सिस्टम में वापस जाकर लाल गेंद क्रिकेट खेलने और अपने टेस्ट करियर को आगे बढ़ाने का भी समय मिल रहा है। इस युवा बल्लेबाज को सीमित ओवर और टेस्ट क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है। हम सभी टेस्ट क्रिकेट को जिंदा देखना चाहते हैं और आगे बढ़ते देखना चाहते हैं। हमें वैभव जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है ताकि वे सभी प्रारूप में खेल सकें।

द्रविड़ ने संयम रखने कहा
द्रविड़ ने कहा, अच्छी बात यह है कि उसे कुछ समय लगेगा, उसे कुछ अनुभव की जरूरत होगी। उसे बहुत सारा टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। उसने शायद उतना टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है जितना सीमित ओवर प्रारूप में क्रिकेट खेला है। वह सिर्फ 15 साल का है। मुझे लगता है कि आपको उसे कुछ समय देना होगा और उसके साथ सब्र रखना होगा। जाहिर है वह शुरू से ही बहुत सफल रहा है, लेकिन वह अपने उतार-चढ़ाव से गुजरेगा और मुझे लगता है कि लोगों को उसके साथ सब्र रखना होगा।

द्रविड़ को वैभव के तीनों प्रारूप में खेलने का भरोसा
द्रविड़ का मानना है कि टी20 मौकों का पीछा करने के बजाय घरेलू टेस्ट क्रिकेट खेलने से बतौर बल्लेबाज वैभव का विकास होगा। उन्होंने कहा, हम सब याद रखें कि वैभव सिर्फ 15 साल के हैं और उन्हें अभी लंबा रास्ता तय करना है। मुझे उम्मीद है कि सूर्यवंशी आखिरकार उच्च स्तर पर लाल गेंद क्रिकेट में कदम रख पाएंगे और इंडिया के लिए सभी प्रारूप के खिलाड़ी बन पाएंगे। यह वैश्विक क्रिकेट के लिए उत्साहजनक होगा।मालूम हो कि सूर्यवंशी ने अब तक सिर्फ आठ प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं। उनका औसत 17.25 है। दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी को कम से कम दो लगातार प्रथम श्रेणी मैच खेलने को मिल सकता है।

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