
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 23 जून 2026। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का धरना मंगलवार को चौथे दिन भी जारी है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके का पुलिस पर आरोप
वहीं, धरने के तीसरे दिन प्रदर्शन स्थल पर आने वाले लोगों की पहचान संबंधी जांच को लेकर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति देखने को मिली। दीपके ने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर आने वाले लोगों से आधार कार्ड और पैन कार्ड मांगे जा रहे हैं, जबकि वे केवल प्रदर्शन में शामिल होने, भोजन या पानी पहुंचाने जैसे कार्यों के लिए वहां पहुंच रहे हैं।
दीपके ने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला है और लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों की निजी जानकारी क्यों एकत्र की जा रही है। उनके अनुसार, आधार कार्ड के माध्यम से किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच संभव है, इसलिए यह निजता से जुड़ा संवेदनशील विषय है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।
प्रदर्शनकारी बोले- सरकार जब तक मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती आंदोलन जारी रहेगा
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के चढूनी गुट ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है। संगठन ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल होने और अपनी मांगें भी रखने का निर्णय लिया है। इससे पहले अभिजीत दीपके ने देशभर के किसानों और मजदूरों से जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने की अपील की थी। किसानों के समर्थन का स्वागत करते हुए दीपके ने कहा कि छात्र और किसान दोनों ही देश के भविष्य और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण वर्ग हैं। उन्होंने आंदोलन के साथ खड़े होने के लिए बीकेयू (चढूनी) का आभार जताया। प्रदर्शनकारियों ने भी किसानों के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, आंदोलन जारी रहेगा।
स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी
धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों के लिए चाय, समोसे और पानी की व्यवस्था की गई है। कई स्वयंसेवक सुबह से देर रात तक व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि ऐसे कार्यकर्ता आंदोलन की रीढ़ हैं, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। वहीं, अभिजीत दीपके ने कहा कि किसी भी जन आंदोलन की वास्तविक ताकत वे लोग होते हैं जो पर्दे के पीछे रहकर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखते हैं।
सीजेपी ने आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों को दी श्रद्धांजलि
नीट की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों को सोमवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने श्रद्धांजलि दी। छात्रों, अभिभावकों और अन्य लोगों ने कैंडल जलाकर व मौन रखकर उन्हें याद किया। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपक ने परीक्षा के बढ़ते दबाव और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने कहा कि छात्रों को केवल अंकों से नहीं, उनकी मानसिक स्थिति के आधार पर भी समझने की जरूरत है। सरकार से हेल्पलाइन, मनोवैज्ञानिक सहायता और नियमित काउंसलिंग शुरू करने की मांग की गई।


