
इंडिया रिपोर्टर लाइव
चेन्नई 28 अप्रैल 2026। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत को नरक बताने वाले बयान पर जोहो के संस्थापक श्रीधर वेंबु ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका में बसे भारतीयों के नाम खुला पत्र लिखकर उनसे स्वदेश वापस लौट आने को कहा है। वेंबु का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है। पत्र में वेंबु ने कहा कि मेरे भारत के भाइयो और बहनों। जैसे 37 साल पहले मैं अमेरिका पहुंचा था, वैसे ही आप भी बिना पैसे के लिए भारत की बेहतर शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत लेकर अमेरिका गए। आपने सफलता हासिल की। अमेरिका हमारे लिए अच्छा रहा। इसके लिए हमें हमेशा आभारी रहना चाहिए लेकिन फिर भी आज, अमेरिका की एक बड़ी आबादी यह मानती है कि भारतीय अमेरिकियों की नौकरियां छीन रहे हैं और अमेरिका में हमारी सफलता गलत तरीके से हासिल की गई है।
वे भारतीय सभ्यता से करते हैं नफरत :श्रीधर वेंबु
जोहो के संस्थापक वेंबु ने कहा कि आपको लग सकता है कि अगला चुनाव यह सब ठीक कर देगा, लेकिन आपकी पसंद उन लोगों के बीच होगी जो हमारी भारतीय सभ्यता से नफरत करते हैं और उन लोगों के बीच जो खुद सभ्यता से ही नफरत करते हैं।
तकनीकी शक्ति ही सम्मान, समृद्धि व सुरक्षा का स्रोत
उन्होंने खत में कहा कि एक बात आज भी सच है और भविष्य में भी रहेगी कि दुनियाभर में भारतीयों को जो सम्मान मिलता है, वह काफी हद तक खुद भारत की किस्मत पर निर्भर करेगा। अगर भारत गरीब रहा तो कट्टर वामपंथी हमें दया के साथ नैतिक उपदेश देंगे और कट्टर दक्षिणपंथी हमें तिरस्कार के साथ (नरक) अलग तरह के नैतिक उपदेश देंगे। हमें इनमें से किसी को भी सम्मान समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। आज की दुनिया में सम्मान, समृद्धि और सुरक्षा सिर्फ एक स्रोत से आता है, राष्ट्र की तकनीकी शक्ति।
उन्होंने पत्र में आगे कहा कि भारत उस शक्ति को हासिल करने के लिए लोगों को तैयार कर देता है, लेकिन हमने अपने प्रतिभा का बड़ा हिस्सा निर्यात कर दिया, खासकर अमेरिका को। उन्होंने कहा कि आप में से कई लोगों के लिए यह सोचना भी मुश्किल हो सकता है, लेकिन कृपया अपने घर वापस आ जाएं। भारत को आपकी प्रतिभा की आवश्यकता है। हमारी बड़ी युवा आबादी को उस टेक नेतृत्व की जरूरत है जो आपने वर्षों में हासिल किया है।


