
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 20 अप्रैल 2026। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र को लोकतंत्र, संविधान और संघीय ढांचे की जीत बताया। उन्होंने कहा कि इस सत्र में बुलडोजर राजनीति और परिसीमन की राजनीति को हार का सामना करना पड़ा। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 22 सितंबर 2023 को सर्वसम्मति से पारित हुआ था, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। अब 16 अप्रैल की रात अचानक इसे अधिसूचित किया गया। उन्होंने सवाल किया कि सरकार को इतनी जल्दबाजी क्यों थी और इसके पीछे क्या मंशा है।
जयराम रमेश ने कहा कि लोकसभा की मौजूदा सदस्य संख्या 543 है, लेकिन संवैधानिक विधेयक में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि राज्यों की हिस्सेदारी अनुपातिक रूप से बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने सदन में यह बात कही, लेकिन बिल में इसका कोई उल्लेख नहीं है। ऐसे में सरकार की नीयत पर भरोसा करना मुश्किल है।
कांग्रेस नेता ने जातिगत जनगणना को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार यह स्पष्ट नहीं कर रही कि जाति जनगणना कैसे कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि असम और जम्मू-कश्मीर में जिस तरह परिसीमन किया गया, वह चिंताजनक है और भरोसा नहीं जगाता। उन्होंने पूछा कि सरकार जाति जनगणना से आखिर क्यों भाग रही है।


