
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
मथुरा 11 अप्रैल 2026। यूपी के मथुरा जिले के वृंदावन के केसी घाट पर शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया, जिसने जिम्मेदारों की लापरवाही की पोल खोल दी है। यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के तहत पांटून पुल हटाया जा रहा है। इस दौरान बिना किसी सुरक्षा प्रबंध क्षेत्र को प्रतिबंधित किए ही बुलडोजर पीपों को खींचकर हटाया जा रहा था।
इसी की चपेट में आकर मोटरबोट पलट गई और 10 लोगों की जान चली गई। पुल हटाने वाली टीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी है। दोपहर करीब 2:30 बजे के करीब 37 लोग श्रृंगार घाट पर पहुंचे। वहां से श्रद्धालु दो मोटरबोट में सवार हुए। डूबने वाली मोटरबोट में 37 लोग सवार थे। यमुना में जब नाविक बोट को दौड़ने लगा तो कुछ जगह पर लोगों को डर लगने लगा। कुछ लोगों ने चालक से मोटरबोट की स्पीड कम करने के लिए कहा लेकिन चालक ने एक न सुनी और कहा कि हम लोगों को रोज का काम है। वह मोटरबोट को पांटूल पुल के पास ले गया। जहां यमुना रिवर फ्रंट के कार्य के चलते पांटून पुल को हटाया जा रहा था, यहां पुल के पास यमुना में पानी भी कम था।
‘अब बोट को आगे नहीं ले जाओ, वापस ले चलो’
मोटरबोट वहां आकर रुक गई। चालक ने उसे चलाने के लिए स्पीड़ बढ़ाई तो बोट अनियंत्रित होने लगी। इस पर फिर लोगों ने चालक से कहा कि अब बोट को आगे नहीं ले जाओ, वापस ले चलो लेकिन चालक ने फिर लोगों की बातों को अनुसना कर दिया और बोट की स्पीड बढ़ा दी।
अचानक तेज गति से मोटरबोट बढ़ी और हवा के झोंके से पांटून पुल से टकरा गयी। पुल की टक्कर लगते ही बोट अनियंत्रित होने लगी। बोट में सवार लोग एक तरफ हो गए। एक तरफ वजन बढ़ने के कारण मोटरबोट नदी में पलट गई।
ड्रोन से की गई निगरानी
यमुना में मोटरबोट पलटने के बाद डूबे श्रद्धालुओं की तलाश में देर रात तक बचाव दल लगे हुए थे। डूबे श्रद्धालुओं की तलाश के लिए ड्रोन कैमरों की मदद भी ली गई, ताकि किसी तरह से कोई श्रद्धालु नजर आए तो उसे रिकवर किया जा सके। शाम को अंधेरा होने तक ड्रोन कैमरों की मदद भी ली गई। उधर नाविक पप्पू का भी कोई पता नहीं चला है।
निधिवनराज मंदिर में किए थे दर्शन
पंजाब के तीन जिलों से आए श्रद्धालुओं के बोट में हादसे से पहले सुबह निधिवनराज मंदिर में दर्शन किए थे। इसके बाद वह दोपहर को केसी घाट पहुंचे और बोट में सवार हो गए।
वक्त गंवाए बिना दौड़ पड़े गोताखोर
हादसे के तुरंत बाद ही गोताखोर लोगों को बचाने के लिए यमुना में उतर गए। कुछ लोग अपनी मोटरबोट लेकर भी आए लेकिन जब तक लोग यमुना में समा गए थे। किसी प्रकार लोगों को बाहर निकालने के लिए रेसक्यू शुरू किया गया। हादसे में 10 लोगों की जिंदगी यमुना में बह गईं।
मथुरा : यमुना में पांटून पुल से टकराकर मोटरबोट 10 श्रद्धालुओं की मौत पलटी
मथुरा के वृंदावन में केसीघाट और बंशीवट के बीच पांटून पुल से टकराकर श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट पलटने से शुक्रवार को छह महिलाओं समेत 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बोट पर लुधियाना, हिसार और मुक्तसर के करीब 37 श्रद्धालु सवार थे। बताया जा रहा है कि पांटून पुल को लापरवाही से हटाया जा रहा था जिसकी चपेट में मोटरबोट के आने से हादसा हुआ। स्थानीय गोताखोरों और पीएसी ने तत्परता दिखाते हुए 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि लापता लोगों की तलाश में सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। देर रात तक पांच श्रद्धालुओं का पता नहीं चल पाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है।
शुक्रवार सुबह लुधियाना व हिसार से दो बसों में लगभग 130 श्रद्धालुओं के दो दल वृंदावन पहुंचे थे। इनमें सबसे ज्यादा लुधियाना के हैं। डीआईजी शैलेश पांडेय ने बताया कि इसी दल के 37 श्रद्धालु मोटरबोट पर यमुना की सैर कर रहे थे।


