
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
बिलासपुर 23 सितंबर 2025। मानकीकरण समिति की बैठक कोर्ट के आदेश से स्थगित हो गई है यूनियनों के आपसी झगड़े का नुकसान मज़दूरों को उठाना पडे एटक को मंजूर नही है प्रबंधन पर सरकार के अनैतिक दबाव का ही नतीजा है कि मानकीकरण समीति की बैठक नहीं हुई यदि जे बी बी सी सी आई की बैठक में इंटक शामिल हो सकती है तो मानकीकरण समिति की बैठक में क्यों नही उसे बुलाया जा सकता था जो भी हो मज़दूरों को चाहिए पैसा ।इसलिए एटक ने प्रबंधन से माँग किया है कि दुर्गा पूजा के पहले कोयला मज़दूरों को एक एक लाख रुपये बतौर एडवांस दे तथा ठेका मज़दूरों को 8.33% के हिसाब से एडवांस के रूप मे भुगतान करे इस माँग को लेकर एटक दिगर यूनियनों से मिलकर आंदोलन करेगी मज़दूर साल भर जान जोखिम में डाल कर उत्पादन करता है और कोल इंडिया का मुनाफा होता है उसे बर्षो से चली आ रही परिपाटी का इंतज़ार रहता है कि दूर्गा पूजा के अवसर पर बोनस मिलेगा मज़दूरों को बोनस मिले यह युनियन की नैतिक ज़िम्मेदारी है इसीलिए साथियों को मालूम है कि प्रबंधन पर एवं सरकार पर दबाव बनाने के लिए कैसे आंदोलन किया जाता है फिर भी आप कल से ही दूर्गा पूजा के पहले एक लाख रुपये कोयला मज़दूरों को भुगतान करो के नारे साथ मैदान मे उतर जायें सफलता जरूर मिलेगी। कामरेड रमेन्द्र कुमार आई एम डबल्यू एफ के महामंत्री के निर्देश का पालन करें यह बात आई एम डबल्यू एफ के संयुक्त महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने बतौर जानकारी दी है।
सरकार के दबाव में कोयला मज़दूर बोनस से वंचित- एटक
सिंगल बेंच कलकत्ता हाईकोर्ट के फ़ैसले के मुताबिक़ इंटक को मानकीकरण समिति में शामिल करना था लेकिन सरकार के दबाव में प्रबंधन डबल बेंच में चली गई डबल बेंच कलकत्ता हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के फ़ैसले को बरकरार रखा और मानकीकरण समिति की बैठक को कोर्ट ने अगले फ़ैसले तक सस्पेंड कर दिया है जिसके कारण कोयला मज़दूर बोनस से दशहरा जैसा त्यौहार के अवसर पर बंचित रह गये जिसका हमें दुःख है और कोशिश कर रहे हैं कि किसी न किसी रूप में त्योहार के पूर्व मज़दूरों को पैसा पहुँचे और मज़दूरों का त्योहार मनाया जा सके किसी केन्द्रीय युनियन के शामिल होने या नहीं होने से किसी को क्या फर्क पड़ता है मज़दूरों का हित सबका उद्देश्य है


