
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 22 जुलाई 2025। ईडी पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने निशाना साधते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ईडी भाजपा की एक शाखा के रूप में काम कर रही है… इसीलिए ईडी को अपना काम करने और नेताओं को अपनी राजनीति करने देने के लिए कहा गया था। हालाँकि, जिस तरह से देशव्यापी स्थिति बनी है, ये सारी कार्रवाई विपक्ष के लोगों को निशाना बनाकर की जा रही है… उनका स्ट्राइक रेट 1% भी नहीं है… वे खुद कुछ नहीं कर पा रहे हैं और विपक्ष की छवि खराब कर रहे हैं।
पूर्व सीएम ने कहा कि अडानी के बचाव में भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी के नेताओं को बदनाम करने के लिए अहमदाबाद से लेकर दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम तक की पीआर एजेंसी काम पर लगा दी गई हैं। एआई वीडियो बनाकर एड चलाए जा रहे हैं। इस षड्यंत्र में कुछ “पुराने” लोगों के दर्द भी हैं जिनका धंधा 2018 में भाजपा सरकार के साथ ही बंद हो गया था। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार में सरकारी पैसों से काम कर रही पीआर एजेंसियों को भी अब काम में लगाया जा रहा है।
जनसंपर्क के इस काम में लगे अधिकारियों और उन एजेंसियों को धन्यवाद देता हूं, जो भाजपाई एजेंसी बनकर “डिजिटल सुपारी” ले रही हैं, लगे रहिए…फिर मिलेंगे…सोशल मीडिया मेरा प्रिय विषय रहा है!
इसके साथ ही बघेल ने जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर कहा कि “कल मैं भी वहाँ था और वे भी बैठक में मौजूद थे। वे ठीक थे… दूसरी बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा नहीं आए थे और उसके बाद इस्तीफा हुआ, इसलिए इसका स्वास्थ्य संबंधी कोई संबंध नहीं है। यह गंभीर बात है कि चल रहे सत्र में उपाध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया…”


