
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
रांची 22 जुलाई 2025। झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कहा है कि बोकारो स्टील प्लांट (सेल) से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान आपसी समन्वय और पारदर्शी संवाद के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टील पॉलिसी के तहत सेल की कई इकाइयों में विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि बोकारो के स्थानीय लोग खुद को इनसे अलग-थलग न महसूस करें।
मुख्य सचिव ने बोकारो स्टील प्लांट से अपील की है कि वह स्थानीय युवाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के मौके भी दे। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं को समझते हुए मानवीय दृष्टिकोण से आगे बढ़ना होगा। मुख्य सचिव सोमवार को सेल के चेयरमैन अमरेंद्र प्रकाश, संबंधित विभागों के सचिवों और बोकारो जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ आयोजित समन्वय बैठक में बोल रही थीं।
विस्थापितों और पंचायतों के पुनर्गठन पर चर्चा
बैठक में विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इस दिशा में जवाबदेही, आपसी विश्वास और सौहार्द के साथ समन्वित योजना बनाकर समयबद्ध समाधान करने का निर्देश दिया। बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि चास प्रखंड के 9 पंचायतों के पुनर्गठन का प्रस्ताव पंचायती राज विभाग ने तैयार किया है ताकि वहां के लोगों को उनके बुनियादी अधिकार मिल सकें, लेकिन सेल की ओर से अब तक इसकी सहमति नहीं मिली है।
सेल चेयरमैन अमरेंद्र प्रकाश ने कहा कि उनकी मंशा किसी को उजाड़ने की नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में जिस अधिग्रहित भूमि पर स्टील प्लांट का विस्तार नहीं होना है, उस पर प्रशासन जरूरतमंदों के लिए सरकारी मकान बनवा सकता है। इस पर मुख्य सचिव ने उपायुक्त को आगे की कार्रवाई करने को कहा। बैठक में बोकारो स्टील प्लांट द्वारा अधिग्रहित 756.94 एकड़ अप्रयुक्त वन भूमि को वन विभाग को लौटाने के विषय पर भी चर्चा हुई।


