
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
हैदराबाद 01 जुलाई 2025। पशम्यलारम में सिगाची इंडस्ट्रीज के फार्मा प्लांट में हुए विस्फोट में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। जिला पुलिस अधीक्षक परितोष पंकज ने मंगलवार सुबह पीटीआई को बताया कि मलबा हटाते वक्त कई शव बरामद हुए। मलबे से अब तक 33 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि तीन की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस बीच मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी अपने कुछ कैबिनेट साथियों के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार अब तक 36 लोगों की जान चली गई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंधन से बात करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पीड़ितों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। सीएम ने यह भी कहा कि गंभीर रूप से घायल लोगों को 10 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि जो घायल हैं, लेकिन ठीक होने के बाद काम फिर से शुरू कर सकते हैं, उन्हें पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।
‘एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए’
सीएम ने कहा, ‘राज्य सरकार कंपनी प्रबंधन से बात करेगी कि मृतक परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। मैंने आदेश जारी किए हैं कि सरकार और कंपनी दोनों की ओर से एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देगी।’
विस्फोट के समय मौके पर 143 लोग थे
मृतकों में से अधिकांश ओडिशा, बिहार, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के थे। विस्फोट के समय मौके पर 143 लोग थे, जिनमें से 56 अधिकारियों के संपर्क में हैं। बाकी लोगों की तलाश जारी है। सीएम ने जोर देकर कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात भी की।
इससे पहले मियापुर में प्रणाम अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क करने पर पता चला कि सोमवार को उनके यहां जलने और सिर में चोट लगने के कारण 21 मरीज आए थे। हालांकि, दो को मृत घोषित कर दिया गया और एक की आज सुबह मौत हो गई। पटांचेरू में ध्रुव अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोमवार को उनके यहां 11 मरीज आए थे, जिनमें से दो को सुपरस्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया। अधिकारी ने कहा, ‘नौ मरीजों में से पांच वेंटिलेटर पर हैं। हमारे पास सात मरीज हैं, जो 40-80 प्रतिशत तक जले हुए हैं और दो 10 प्रतिशत जले हुए हैं।’
पहचान के लिए शवों की डीएनए प्रोफाइलिंग की जरूरत
राजस्व विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, अभी तक नौ शवों की पहचान ही हो पाई है, जबकि बाकी शवों की डीएनए प्रोफाइलिंग की जरूरत है। मृतकों में से अधिकांश ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों के थे।
केमिकल रिएक्शन एक बड़ी वजह
फार्मा कंपनी में सोमवार को हुई घातक दुर्घटना के पीछे केमिकल रिएक्शन एक बड़ी वजह हो सकती है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक फार्मास्युटिकल कंपनी है, जो सक्रिय फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआई), इंटरमीडिएट्स, एक्सिपिएंट्स, विटामिन-मिनरल ब्लेंड्स, संचालन और प्रबंधन (ओएंडएम) सेवाओं के लिए जानी जाती है।


