फीफा विश्व कप पर 20 साल से यूरोप का दबदबा, मेसी-नेमार पर दक्षिण अमेरिकी वर्चस्व बनाने की चुनौती

Chhattisgarh Reporter
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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

दोहा 17 नवंबर 2022। फीफा विश्वकप शुरू होने में चार दिन का समय शेष है और चर्चाओं का बाजार फिर गर्म है कि इस बार यूरोपियन दबदबा टूटेगा या नहीं। पिछले 20 सालों से यूरोपीय देशों ने फीफा विश्वकप पर अपना एकाधिकार जमा रखा है। 2002 में अंतिम बार यूरोप से बाहर दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील विश्व चैंपियन बना था। तब से यूरोपीय देशों ने हर विश्वकप में खिताब के प्रबल दावेदार बनने के बावजूद ब्राजील और अर्जेंटीना फीफा ट्रॉफी से दूर रखा है। कतर में जब नेमार और लियोनल मेसी की अगुवाई में ब्राजील और अर्जेंटीना अपनी दावेदारी पेश करने उतरेंगे तो दोनों देशों के सामने 20 साल से चले आ रहे यूरोपियन दबदबे को तोड़ने की चुनौती रहेगी।

दक्षिण अमेरिका से ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे बने हैं विजेता
सर्वाधिक पांच बार (1958, 62, 70, 94, 2002) के विश्व चैैंपियन ब्राजील और दो बार खिताब जीतने वाले अर्जेंटीना (1978, 86) इस बार भी जीतने के प्रबल दावेदारों में हैं। देखने वाली बात यह होगी कि तेज तर्रार और आक्रामक फुटबाल खेलने वाले ये दोनों देश रक्षात्मक और तकनीकि फुटबाल खेलने वाले यूरोपीय देशों से आगे निकल पाते हैं या नहीं। ब्राजील और अर्जेंटीना के अलावा उरुग्वे तीसरा दक्षिण अमेरिकी देश है, जिसने फीफा विश्वकप जीता है। फीफा विश्वकप का पहला विजेता भी उरुग्वे 1930 में बना था। 1950 में भी उसने मेजबान ब्राजील को एक लाख 45 हजार दर्शकों के बीच मरकाना स्टेडियम में 2-1 से हराकर न सिर्फ विश्व खिताब जीता बल्कि उस दौरान का सबसे बड़ा उलटफेर भी किया। हालांकि इस बार भी लुई सुआरेज और एडिंसन कवानी जैसे फुटबालरों के साथ उरुग्वे चुनौती पेश कर रहा है, लेकिन उसे खिताब के दावेदारों में नहीं गिना जा रहा है।

2002 तक यूरोप के आठ के मुकाबले नौ खिताब जीते थे दक्षिण अमेरिकी देशों ने
2002 तक यूरोप और दक्षिण अमेरिकी देशों में खिताब को लेकर कांटे की टक्कर रहा करती थी। 2002 तक हुए 17 विश्वकप में नौ खिताब दक्षिण अमेरिकी देशों ने और आठ खिताब यूरोपीय देशों ने जीते थे, लेकिन इसके बाद बाजी पलट गई है। अब तक 12 बार यूरोपीय देश विश्व चैंपियन बन चुके हैं, जबकि दक्षिण अमेरिकी देश नौ फीफा ट्रॉफी पर ही लटके हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि 2002 के बाद से हुए चार विश्वकप में सिर्फ एक बार दक्षिण अमेरिकी टीम अर्जेंटीना फाइनल में जगह बना पाई है। 2014 में जर्मनी ने मेसी की मौजूदगी में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया था। 2010 में उरुग्वे और 2014 में ब्राजील सेमीफाइनल में पहुंचे। दोनों देश चौथे स्थान पर रहे। यानि कि 2002 के बाद से फीफा विश्वकप पर यूरोपियन फुटबाल का पूरी तरह से दबदबा रहा है।

मेसी, नेमार ने अब तक नहीं जीता है विश्वकप
इंग्लैंड के स्टार फुटबालर वेन रूनी ने एक अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा कि अर्जेंटीना और ब्राजील इस बार विश्वकप जीतने में सक्षम हैं। फिर मेसी का यह पांचवां और अंतिम विश्वकप हो सकता है। उन्होंने अर्जेंटीना को अब तक एक भी विश्व खिताब नहीं दिलाया है। वह इस बार जीतने के लिए पूरी जान लगाएंगे। वहीं, नेमार भी अगले वर्ष फरवरी में 31 साल के हो जाएंगे। विशेषज्ञ उनका भी यह अंतिम विश्वकप मान रहे हैं। उन्होंने भी ब्राजील को अब तक अपने खेलते हुए चैंपियन नहीं बनाया है। दोनों ही स्टार फुटबालर अपने देश के खिताबी सूखे को खत्म करना चाहेंगे।

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