बच्चे के सुसाइड के बाद ऑनलाइन गेमों के लिए कानून लाएगी मध्यप्रदेश सरकार

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

भोपाल 25 जनवरी 2022। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बच्चे के खुदकुशी करने के बाद राज्य सरकार ऑनलाइन गेमों पर शिकंजा कसने जा रही है. तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक की तर्ज पर नया कानून बनाने के लिये ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है. जिसमें ऑनलाइन गेम चलाने वाली कंपनियों को जांच के दायरे में लाकर सजा का भी प्रावधान होगा।

भोपाल के सह्याद्री परिसर में रहनी वाली एलीजा शहर के एक बड़े स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ती है. पढ़ने में होशियार है, लेकिन ऑनलाइन गेम भी पसंद हैं. हालांकि एलीजा को स्कूल जाना ही अच्छा लगता है, लेकिन कोरोना ने सब बंद कर रखा है. ऐसे में ऑनलाइन गेम्स से मन बहला लेती है. वहीं ऑनलाइन क्लास में माता-पिता बच्ची की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं. एलीजा कहती हैं कि मोबाइल से क्लास अच्छी नहीं लगती है. आंखें दुख जाती हैं, लेकिन जबर्दस्ती बैठना पड़ता है और पीठ भी दुख जाती है। वहीं उनके पिता फहीम खान का कहना है कि जब से कोरोना हुआ है, बच्चे लैपटॉप पर पढ़ते हैं. मोबाइल भी देना होता है. बच्चों के कमर में दर्द होता है और चश्मा दिलाना पड़ता है. इस दौरान वह गेम्स भी खेलने लगते हैं. हम भी कितनी देर देखेंगे. कुछ दिनों पहले खबर पढ़ी कि बच्चों ने सुसाइड कर लिया, अगर सरकार कानून बना रही है तो अच्छा है. लेकिन सरकार इसे इंप्लमेंट नहीं करती।

बता दें कि भोपाल में ऑनलाइन गेम की लत की वजह से एक ग्यारह साल के बच्चे की खुदकुशी के बाद राज्य सरकार भी जागी है. अब इसके खिलाफ कानून बनाने के लिये ड्राफ्ट तैयार हो रहा है. जिसमें ऑनलाइन गेमिंग, गेंबलिंग और बैटिंग को अपराध घोषित कर इंटरनेट पर ये खेल चलाने वाली वेबसाईट और ऐप पर पाबंदी लग सकेगी. इसके साथ ही बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले ऑनलाइन गेम चलाने पर जेल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान होगा। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र ने बताया कि यह बहुत गंभीर विषय है. जो फायर गेम वाली घटनाएं हैं, बहुत दुखद है. इस पर सख्ती से रोक लगाने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है. बहुत जल्दी उसको मूर्त रूप दिया जाएगा. 

जमीनी हकीकत ये है कि ऑनलाइन गेम इंटरनेट पर धड़ल्ले से चल रहे हैं. जिनको देखकर नादान बच्चे खुदकुशी जैसे कदम उठा रहे हैं या फिर जानलेवा खतरनाक स्टंट करने पर आमादा हैं. इन पर काबू करने के लिये अब सरकार का हस्तक्षेप जरूरी हो गया है। गौरतलब है कि अमेरिका से ज्यादा ऑनलाइन गेम के खिलाड़ी भारत में हो गये हैं. लेकिन दुर्भाग्य ये है कि ऑनलाइन जुआ और गेम्स 1867 यानी लगभग डेढ सौ साल पहले बने पब्लिक गैम्ब्लिंग एक्ट यानी सार्वजनिक द्यूत अधिनियम के आधार पर रोकने की कोशिश है, कोरोनाकाल में खिलाड़ी तेजी से बढ़े हैं लेकिन इसके लिये कानून बनाने की रफ्तार रेंग रही है।

Leave a Reply

Next Post

छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना का शुभारंभ शीघ्र

शेयर करेमुख्यमंत्री ने श्रीमती सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी ,श्रीमती प्रियंका गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं को शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने का दिया न्योताइस योजना से लाभान्वित होंगे राज्य के लगभग 4.50 लाख भूमिहीन परिवार, भूमिहीन परिवारों को प्रतिवर्ष मिलेंगे 6000 रुपये छत्तीसगढ़ रिपोर्टर   रायपुर, 25 जनवरी 2022। मुख्यमंत्री भूपेश […]

You May Like

पत्थर कारोबारी के घर 28 करोड़ कैश, 15 किलोग्राम सोना मिला....|....भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में तीसरा गोल्ड....|....रहाणे का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास, भावुक हुए....|....15 लाख लेकर नहीं कराई जमीन की रजिस्ट्री....|....जर्जर सड़क बनी आफत: कटघोरा-पसान मार्ग पर गड्ढों में पलटे वाहन....|....तय समय में नहीं भेजी रोजनामचा रिपोर्ट, SSP ने लिया एक्शन....|....मत्स्य उत्पादन क्लस्टर के रुप में अमारु को किया जा रहा है विकसित....|....शिक्षकों के लिए हाजिरी एप की अनिवार्यता सरकार की तानाशाही - कांग्रेस....|....सरकार नक्सल खात्मे का श्रेय ले रही है और भाजपाई नक्सलियों के बैनर लगा रहे हैं -कांग्रेस....|....भारत में बिटडेल्टा इंडिया का 'क्रिप्ट्यूशन' हुआ लॉन्च