किसान आंदोलन के दौरान नहीं किया सहयोग, जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने यशपाल मलिक को हटाया

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

हिसार 20 दिसंबर 2021। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में जाटों को शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन की अगुवाई करने वाली अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (एआईजेएएसएस) ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को पद से हटाने की घोषणा की और समिति से उनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी। मलिक को किसान आंदोलन में उनकी कथित गैर-जिम्मेदार भूमिका के लिए हटाने का भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मलिक ने हरियाणा में जाट आंदोलन को फिर से शुरू करने की कोशिश की, जब किसानों का आंदोलन अपने चरम पर था।

सतबस खाप प्रधान बलवान सिंह मलिक की अध्यक्षता में समिति की आम सभा की बैठक शनिवार को हिसार के जाट धर्मशाला में हुई। बैठक में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 2016 में हिंसक रूप ले चुके जाट आंदोलन ने हरियाणा के कई जिलों में तबाही की निशानी छोड़ी है। हालांकि, AIJASS लगभग चार वर्षों से सक्रिय नहीं है। जाट आंदोलन के दौरान मलिक के विश्वासपात्र अशोक बलहारा ने कहा कि उन्होंने दो प्रस्तावों पर अमल किया है। जिसमें मलिक को किसान आंदोलन में उनकी कथित गैर-जिम्मेदार भूमिका के लिए हटाने का भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मलिक ने हरियाणा में जाट आंदोलन को फिर से शुरू करने की कोशिश की, जब किसानों का आंदोलन अपने चरम पर था और इस उद्देश्य के लिए दिल्ली के नांगलोई में एक बैठक भी की। उन्होंने कहा, जाट समाज ने मलिक के इस कदम का विरोध किया था क्योंकि इससे किसानों के आंदोलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। समिति के प्रवक्ता धर्मपाल बादल ने कहा कि बलहारा को समिति के आगे के मामलों के संचालन के लिए AIJASS का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, “समुदाय के कई सदस्यों के खिलाफ अदालतों में लंबित पुलिस मामलों के मामले को उठाने के लिए 11 सदस्यों की एक तदर्थ समिति का गठन किया गया है। हम इस मुद्दे पर खाप पंचायतों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक नेताओं से चर्चा करेंगे।” एक महिला जाट नेता राजकला हुड्डा ने मलिक को देशद्रोही करार दिया और कहा कि उन्होंने समुदाय के हितों को नुकसान पहुंचाया है।

मलिक गुट ने फैसले को बताया निराधार
यशपाल मलिक के प्रति निष्ठा के कारण AIJASS के एक अन्य गुट ने सामान्य निकाय के फैसलों को निराधार बताया। एआईजेएएसएस के जिलाध्यक्ष बलवान सिंह सुंडा ने कहा कि अशोक बल्हारा छोटू राम ट्रस्ट का अधिग्रहण करना चाहते थे, जो मलिक द्वारा पंजीकृत था और इसमें कुल नौ सदस्य थे। उन्होंने कहा कि मलिक ने 2 अक्टूबर को दिल्ली के नांगलोई में एक बैठक में AIJASS को भंग कर दिया था।

Leave a Reply

Next Post

गुजरात: पाकिस्तानी नाव से 400 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त, छह लोग गिरफ्तार

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर   अहमदाबाद 20 दिसंबर 2021। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। छह चालक दल के सदस्यों के साथ एक पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाली नाव और लगभग 400 करोड़ रुपये की 77 किलोग्राम हेरोइन ले जा रही थी, जिसे गुजरात तट से भारतीय जल क्षेत्र में […]

You May Like

खुद को ईडी अधिकारी बताकर 6.82 लाख ठगे....|....सर्पदंश मुआवजा घोटाला, महिला डॉक्टर के बाद 3 क्लर्क अरेस्ट....|....छत्तीसगढ़ में 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट....|....जुलाई 2027 तक तैयार होगा मेडिकल कॉलेज....|....1.92 करोड़ की गड़बड़ी मामले का एक और आरोपी गिरफ्तार....|....गौरेला में अवैध शिकार के दौरान युवक की मौत, 12 आरोपी गिरफ्तार....|....कोरबा में बाल विवाह पर रोक; पहुंच चुकी थी बारात, सजा था मंडप....|....नेता प्रतिपक्ष बोले- सत्ता का घमंड छोड़िए, जनता मौका देगी तो हम जवाब देंगे....|....रश्मि आर्या ने 'शिव शंभू शंकरा' से शुरू किया सुरों का सफर....|....जब सुरों ने बेगम अख्तर को किया नमन 'शाम-ए-अख्तरी' में फिर गूंजा बेगम अख्तर का जादू 'शाम-ए-अख्तरी' में डॉ. सोमा घोष ने बेगम अख्तर की यादों को फिर किया जीवंत