संभाग में निस्तारी, पेयजल, रबी सिंचाई एवं उद्योगों के लिये जलाशयों में 78 प्रतिशत जल उपलब्ध

Chhattisgarh Reporter
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रबी फसल के लिये किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी, संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर          

बिलासपुर, 11 दिसंबर 2021। बिलासपुर संभाग के वृहद, मध्यम एवं लघु जलाशयों में निस्तारी, पेयजल, रबी फसल व उद्योगों के लिये 78.72 प्रतिशत जल उपलब्ध है। रबी फसल के लिये किसानों को पर्याप्त पानी मिलेगा। रबी के लिये खाद और बीज भी मांग के अनुसार उपलब्ध है। संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में यह जानकारी दी गई। संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बताया गया कि संभाग में इस वर्ष 68 हजार 178 हेक्टेयर में रबी फसल की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष रबी फसल के लिये 36 हजार 551 हेक्टेयर में सिंचाई उपलब्ध कराई गई थी। संभाग के 5 वृहद, 6 मध्यम 452 लघु जलाशयों और 9 नलकूपों के माध्यम से सिंचाई उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष खरीफ सीजन में 4 लाख 71 हजार 184 हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा दी गई।
संभाग की वृहद सिंचाई परियोजना बांगो में वर्तमान में 79.40 प्रतिशत जल उपलब्ध है। खारंग जलाशय में 80 प्रतिशत, मनियारी जलाशय में 95 प्रतिशत, केलो परियोजना में 83.5 प्रतिशत जल उपलब्ध है। इसी तरह मध्यम सिंचाई परियोजना घोंघा जलाशय में 74 प्रतिशत, केदार जलाशय में 80 प्रतिशत, पुटका जलाशय में 62 प्रतिशत, किंकारी जलाशय में 49 प्रतिशत और खम्हार पाकुट जलाशय में 86 प्रतिशत जल भराव है। साथ ही 337 लघु सिंचाई योजनाओं में 72.33 प्रतिशत जल निस्तारी के लिये उपलब्ध है। वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े जांजगीर-चांपा कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि रबी सीजन में किसानों को धान के बदले चना और गेहूं की फसल लेने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। बैठक में संभागायुक्त डॉ. अलंग ने रबी सीजन में खाद और बीज की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गत वर्ष रबी सीजन के दौरान जो समस्यायें आई थीं, उन्हें देखते हुए रबी की तैयारी की जाये। बिलासपुर के संयुक्त संचालक कृषि चौहान ने बताया कि रबी सीजन के लिये गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष दुगना खाद भंडारण करने का लक्ष्य रखा गया है। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिये विभिन्न उपाय किये जा रहे हैं। किसानों को मूंग, उड़द, मूंगफली के मिनी किट वितरित किये जा रहे हैं। कोरबा एवं रायगढ़ में सरसों, अलसी व सूर्यमुखी के बीज की कमी को देखते हुए इन जिलों से मांग-पत्र भेजने कहा गया है। संयुक्त संचालक ने बताया कि इस वर्ष उतेरा पद्धति से संभाग में 1 लाख 3 हजार हेक्टेयर में रबी फसल लेने का लक्ष्य रखा गया है। सबसे ज्यादा मुंगेली में 30 हजार हेक्टेयर में उतेरा पद्धति से फसल ली जायेगी। बैठक में उपायुक्त श्रीमती अर्चना मिश्रा, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, कृषि विभाग के अधिकारी, सारंगढ़ के विधायक प्रतिनिधि तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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