कोरोना काल के लॉक डाउन में जनता से संवाद का माध्यम था मुख्यमंत्री का जनसंपर्क विभाग जिसने अपने काम बखूबी निभाया

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना महामारी के समय जनसंपर्क विभाग द्वारा आम जनता से संवाद कर राहत दिलाया था

भाजपा नेताओं की मतिमारी गयी है जो कोरोना काल में बखूबी काम करने वाले जनसंपर्क विभाग पर झूठा आरोप लगा रहे है

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह बताये कि अपने अंतिम बजट में तीन सौ पचास करोड़ क्यो फूंके जबकि उस वक्त कोई महामारी नही फैली थी

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर        

रायपुर 03 मार्च 2021। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव विकास तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के द्वारा लगाए गए जनसंपर्क विभाग के दुरुपयोग पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं की मति मारी गई है जो अनर्गल और निराधार आरोप लगा लगा रहे हैं कोरोना कोविड-19 महामारी के समय जब पूरे देश और विदेश में लॉकडाउन लगा हुआ था उस समय छत्तीसगढ़ राज्य में भी लॉकडाउन के कारण प्रदेश की पौने तीन करोड़ जनता अपने घरों में बंद हो गई थी और घबरायी हुई थी उस कठिन समय मे हर क्षण रोजाना लगातार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उन्हें कोरोना महामारी से बचने के विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा बताये उपायों को नियमित रूप से संवाद करके बता रहे थे और जिस का प्रतिसाद भी यह सामने आया कि प्रदेश में कोरोना महामारी को शुरुवाती चरण में काबू में लाया जा सका था।जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने रात दिन मेहनत करके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बातों को और कोरोना महामारी से बचाव के विश्व स्वास्थ्य संगठन के गाइड लाइन को घर-घर तक पहुंचाने का काम कर रहे थे।यह एक कठिन चुनौती थी और उसे बखूबी निभाया गया, यह बात भाजपा के कमीशनबाज नेताओ को नागवार गुजरा और उनके द्वारा झूठा आरोप विभाग पर लगाया गया।  

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने प्रदेश भाजपा से पूछा है कि उन्हें यह बताना चाहिए कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के अंतिम बजट में जनसंपर्क विभाग को साढ़े तीन सौ करोड़ से अधिक का बजट का प्रावधान किया गया था जबकि उस समय कोई महामारी नहीं फैली थी तो जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग किसके लिये किया यह बात प्रदेश की पौने तीन करोड़ जनता जानना चाहती है। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार के जनसम्पर्क विभाग द्वारा एक जनवरी 2020 से 31 जनवरी 2021 तक प्रचार-प्रसार मद में कितनी राशि व्यय की गई और उक्त राशि में प्रिन्ट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व अन्य प्रचार-प्रसार माध्यमों हेतु कितनी राशि व्यय की गई है। इस प्रश्न के लिखित जवाब में शासन की ओर से बताया गया कि उक्त अवधि में लगभग 172 करोड़ रूपए खर्च किए गए। सोशल मीडिया और दूसरे मंचों से यह प्रचारित किया जा रहा है कि कांग्रेस सरकार फिजूलखर्ची कर रही है।वास्तविकता ये है कि व्यय राशि में पिछली सरकार के खर्च किए हुए करोड़ों रु सम्मिलित हैं ।वर्ष 2018-19 में, जो कि चुनावी वर्ष था प्रचार-प्रसार के लिए 153 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान था, जिसे राज्य सरकार ने नियमों को ताक में रखते हुए अपने प्रसार-प्रसार में 353 करोड़ 57 लाख रूपए का कार्य कराया था। यह राशि आबंटित राशि से 200 करोड़ 57 लाख रूपए अधिक थी। पिछले दो वर्षों में इस सरकार की बड़ी राशि पुराना क़र्ज़ चुकाने मे जा रही है और इसलिए व्यय की राशि अधिक दिख रही है अभी भी 100 करोड़ से अधिक पुरानी राशि का भुगतान बाक़ी है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह जिनके अधीन जनसंपर्क विभाग था उनके समय जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग किया जाता था।

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