यूपी पंचायत चुनाव: योगी कैबिनेट ने सपा सरकार का फैसला पलटा, नए सिरे से लागू होगी आरक्षण प्रक्रिया, सभी जिलों में एक समान चुनाव

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर          

लखनऊ 10 फरवरी 2021। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बदलाव किया है. यूपी में इस बार होने जा रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में सीटों के आरक्षण को तय करने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार ने 2015 के पंचायत चुनाव में तत्कालीन सपा सरकार के फैसले को पलट दिया है। इस बारे में मंगलवार को पंचायतीराज विभाग की ओर से लाये गये प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दी गई।

2015 के पंचायत चुनाव में तत्कालीन सपा सरकार ने उत्तर प्रदेश पंचायतीराज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली 1994  में संशोधन कर ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के पदों के पूर्व में हुए आरक्षण को शून्य कर दिया था। उस चुनाव में 71 जिलों में ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन हो गया था मगर चार जिलों गोण्डा, सम्भल, मुरादाबाद और गौतमबुद्धनगर में यह पुर्नगठन कानूनी अड़चनों की वजह से नहीं हो पाया था। 

नियमावली के यह प्रावधान अभी तक लागू थे, जिनकी वजह से इन चार जिलों में फिर से आरक्षण शून्य कर नया आरक्षण करना पड़ता और बाकी के 71 जिलों में 2015 के चुनाव में हुए चक्रानुक्रम आरक्षण के अगले क्रम का आरक्षण होता। इस तरह से अगर यह प्रावधान लागू रहते तो इस बार के पंचायत चुनाव में दो तरह के आरक्षण लागू होते, जिससे अराजकता की स्थिति पैदा होती। इसीलिए इन सभी प्रावधानों को नियमावली से हटाने का फैसला मंगलवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिये किया गया। अब आरक्षण का जो नया फार्मूला लागू होगा वह सभी 75 जिलों में एक समान होगा। 

जातिगत आरक्षण से वंचित नहीं रहेगी कोई पंचायत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पंचायत जातिगत आरक्षण से वंचित नहीं रहने पाए। पंचायतीराज विभाग के सूत्रों के हवाले से ‘हिन्दुस्तान’ को मिली जानकारी के अनुसार इस बार के चुनाव के लिए जो आरक्षण फार्मूला लागू किया जाएगा, उसमें अब कोई भी पंचायत जातिगत आरक्षण से वंचित नहीं रहेगी। अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ पंचायतों के वार्डों के आरक्षण की नीति लागू होगी। इसके साथ ही इस बार आरक्षण तय करते समय इस बात पर भी गौर किया जाएगा कि वर्ष 1995 से अब तक हुए पांच त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों में ऐसी कौन सी पंचायतें हैं, जिनमें ग्राम प्रधान,क्षेत्र पंचायत प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष के पद अभी तक जातिगत आरक्षण से वंचित रह गये हैं। 

18 हजार ग्राम पंचायतें अभी तक वंचित

वर्ष 1995 में पहली बार त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था और उसमें आरक्षण के प्रावधान लागू किए गए थे। मगर तब से अब तक हुए पांच पंचायत चुनावों में प्रदेश की करीब 18 हजार ग्राम पंचायतें, करीब 100 क्षेत्र पंचायतें और लगभग आधा दर्जन जिला पंचायतों में क्रमश: ग्राम प्रधान, क्षेत्र व जिला पंचायत अध्यक्ष के पद आरक्षित होने से वंचित रह गए।

इस तरह तय होगा आरक्षण

प्रदेश सरकार ने निर्णय किया है कि इस बार के चुनाव के लिए आरक्षण तय करते समय सबसे पहले यह देखा जाए कि वर्ष 1995 से अब तक के पांच चुनावों में कौन सी पंचायतें अनुसूचित जाति (एससी) व अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित नहीं हो पाई हैं। इन पंचायतों में इस बार प्राथमिकता के आधार पर आरक्षण लागू किया जाए। नए फैसले से अब वह पंचायतें जो पहले एससी के लिए आरक्षित होती रहीं और ओबीसी के आरक्षण से वंचित रह गईं, वहां ओबीसी का आरक्षण होगा और जो पंचायतें अब तक ओबीसी के लिए आरक्षित होती रही हैं वह अब एससी के लिए आरक्षित होंगी। इसके बाद जो पंचायतें बचेंगी, वह आबादी के घटते अनुपात में चक्रानुक्रम के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए होंगी। इन पांच चुनावों में महिलाओं के लिए तय 33 प्रतिशत आरक्षण का कोटा तो पूरा होता रहा, मगर एससी के लिए 21 प्रतिशत और ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे के हिसाब से कई ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायतें आरक्षित नहीं हो पाईं।

Leave a Reply

Next Post

कोल इंडिया के कर्मचारी 50 वर्ष उम्र और 20 वर्ष नौकरी जिनकी पूर्ण हो गई है वे कर्मचारी ले सकेंगे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर           कोलकाता / बिलासपुर 10 फरवरी 2021। कोल इंडिया लिमिटेड और एसईसीएल समेत तमाम अनुषंगी कंपनियां में कार्यरत कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना का लाभ देने की अधिसूचना जारी कर दी है। 30 जनवरी 2021 को कोल इंडिया की बैठक में इस योजना की स्वीकृति दी […]

You May Like

छत्तीसगढ़ के जशपुर में दर्दनाक हादसा: सिमडेगा से कुनकुरी जा रही बस पलटी, 5 यात्रियों की मौत, 17 से ज्यादा घायल....|....जन औषधि दिवस 2026: पीएम मोदी का देश को संदेश, कहा- 'सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं हर नागरिक का हक'....|....गृह मंत्री ने सीआईएसएफ को सौंपा सभी एक्जिम पोर्ट की सुरक्षा का दायित्व, 890 करोड़ के प्रोजेक्ट की सौगात....|....बेमेतरा में घरेलू कलह बनी जानलेवा: पति की मारपीट से पत्नी की मौत, पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा....|....उत्तम नगर में मर्डर से तनाव: तरुण हत्याकांड में अब तक सात आरोपी गिरफ्तार, पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग....|....चुनाव से पहले भाजपा की 'परिवर्तन यात्रा' तेज, भ्रष्टाचार और कट-मनी के खिलाफ बदलाव की मुहिम....|....युद्धपोत पर हमले से पहले ईरान के एक और जहाज को मिली थी भारत में डॉकिंग की इजाजत, बड़ा दावा....|....अनुस्मृति सरकार बनीं ‘स्टाइल आइकन ऑफ द ईयर’....|....सुर्खियों से सोशल मीडिया तक छाईं खुशी मुखर्जी....|....मुंबई में थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए खुला 'होम फॉर बीएमटी