37.7 इंच बारिश, सामान्य कोटे से सिर्फ 0.2% दूर, अब धूप बढ़ेगी

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
भोपाल, 28 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश में मानसून अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। प्रदेश में सीजन की कुल बारिश 37.7 इंच हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 95.8 प्रतिशत है। सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अब सिर्फ 0.2 प्रतिशत पानी की जरूरत है। अगले तीन-चार दिन में कहीं हल्की बारिश भी होती है तो प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में पहुंच सकता है। इसी बीच मानसून की विदाई की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार, अगले चार दिन प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। सोमवार से बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप का असर दिखाई देने लगेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम साफ रहने के आसार हैं।
48 घंटे की तेज बारिश के बाद थमा दौर
पिछले दिनों गहरे अवदाब के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में करीब 48 घंटे तक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ा और बांधों के गेट खोलने पड़े। रविवार से मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने लगी, जिसके बाद भारी बारिश का दौर थम गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई शहरों में रविवार को धूप-छांव की स्थिति रही। अब बारिश की गतिविधि कमजोर होने के साथ तापमान बढ़ने और धूप तेज होने की संभावना है।
पूर्वी एमपी में बारिश का आंकड़ा बेहतर
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की औसत बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 20 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
जून की कमी पूरी नहीं हो पाई
इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अब भी कुल आंकड़े में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो ब्रेक आए और कई दिनों तक बारिश गतिविधियां कमजोर रहीं। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से कमी काफी हद तक कम हुई। सितंबर के आखिरी दौर में भी तेज बारिश हुई, लेकिन जून की पूरी कमी की भरपाई नहीं हो सकी। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश है। प्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है। अब मानसून की विदाई से पहले होने वाली हल्की बारिश ही प्रदेश को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचा सकती है।


