
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026। भारतीय रसोई में कई ऐसे मसाले मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल सदियों से खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में भी किया जाता रहा है। इन्हीं में से एक है लौंग। अपनी तेज खुशबू और खास स्वाद के लिए पहचानी जाने वाली लौंग को मुंह की कुछ सामान्य परेशानियों में पारंपरिक तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
इसमें यूजेनॉल नामक एक प्राकृतिक यौगिक पाया जाता है, जिसमें एंटीमाइक्रोबियल और दर्द कम करने वाले गुण देखे गए हैं। इसी वजह से लौंग का इस्तेमाल दांतों और मुंह से जुड़ी देखभाल में लंबे समय से किया जाता रहा है। आइए जानते हैं कि ये आपके मुंह की कौन-कौन सी दिक्कतें दूर करता है।
1. दांत दर्द में अस्थायी राहत
लौंग में मौजूद यूजेनॉल में हल्का दर्द कम करने वाला प्रभाव पाया जाता है। इसी कारण लौंग का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से दांत दर्द में किया जाता रहा है। हालांकि, दांत में लगातार दर्द कैविटी, संक्रमण या किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है, इसलिए केवल लौंग पर निर्भर रहना सही नहीं है।
2. मुंह की दुर्गंध
लौंग की तेज खुशबू और इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक मुंह की दुर्गंध को अस्थायी रूप से कम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अगर सांसों की बदबू लगातार बनी रहती है, तो इसके पीछे मसूड़ों की बीमारी, दांतों की सफाई की समस्या या अन्य कारण भी हो सकते हैं।
3. मसूड़ों की देखभाल
लौंग में पाए जाने वाले यूजेनॉल और अन्य यौगिकों पर उनके संभावित एंटीमाइक्रोबियल प्रभावों को लेकर अध्ययन हुए हैं। फिर भी मसूड़ों से खून आना, सूजन या दर्द होने पर डेंटिस्ट की सलाह लेना जरूरी है।
4. मुंह में बैक्टीरिया से जुड़ी समस्या
मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। लौंग के कुछ यौगिकों में प्रयोगशाला अध्ययनों में एंटीमाइक्रोबियल गतिविधि देखी गई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लौंग अकेले मुंह के संक्रमण को ठीक कर सकती है।
लौंग का इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
लौंग को सामान्य मात्रा में भोजन के हिस्से के तौर पर लेना आमतौर पर अलग बात है, लेकिन लौंग का तेल सीधे मसूड़ों या मुंह में लगाना सावधानी मांगता है। अधिक मात्रा या बिना उचित तरीके से इस्तेमाल करने पर जलन या अन्य परेशानी हो सकती है। बच्चों और संवेदनशील लोगों में विशेष सावधानी जरूरी है। अगर दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन, खून आना, मुंह में घाव या दुर्गंध लंबे समय तक बनी रहती है, तो घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय डेंटिस्ट से जांच कराना बेहतर है।


