
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कोरबा 07 मई 2026। कोरबा जिले में पिछले 10 दिनों के भीतर तीन अलग-अलग जगहों पर ट्रेन से कटकर आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। तीनों घटनाओं में दो मृतकों की पहचान हो गई है, जबकि एक युवक की 10 दिन बाद भी शिनाख्त नहीं हो पाई है। एक युवक ने मां के मना करने पर नाराज होकर जान दी, तो दूसरा जिंदगी से परेशान था। पहली घटना 10 दिन पहले उरगा थाना क्षेत्र के मड़वारानी के पास हुई। यहां रेलवे ट्रैक पर 22 वर्षीय राज सिंह गोंड, निवासी दमखांचा मड़वारानी का कटा हुआ शव मिला था। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि जांच में परिजनों ने बयान दिया कि मृतक शराब के नशे में था और घर में तोड़फोड़ कर रहा था। मां के मना करने पर वह “घर से जा रहा हूं” कहकर निकला था। संभावना है कि गुस्से में आकर उसने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी घटना कुछ दिन पहले सीएसईबी चौकी क्षेत्र के टीपी नगर फाटक के पास हुई। यहां एक अज्ञात युवक का शव रेलवे ट्रैक पर कटा हुआ मिला था। मृतक के पास सिर्फ घर की चाबी मिली थी। 10 दिन बीत जाने के बाद भी उसकी पहचान नहीं हो सकी है।
छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसायटी के माध्यम से सीएसईबी चौकी पुलिस के साथ मिलकर रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसायटी के जिला अध्यक्ष अविनाश कुमार गुप्ता ने बताया कि संस्था 2016 से अब तक लगभग 500 से ज्यादा लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुकी है। तीसरी घटना बुधवार शाम कोतवाली थाना क्षेत्र में विद्युत संयंत्र जाने वाले रेलवे ट्रैक पर हुई। यहां पानी टंकी, कोरबा निवासी 25 वर्षीय अजय निषाद, पिता सुखराम निषाद का शव मिला। परिजनों ने बताया कि अजय मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। उसने पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। कोरबा में ट्रेन से कटकर आत्महत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 10 दिनों में तीन युवकों की मौत से पुलिस भी हैरान है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक तनाव, नशा और पारिवारिक विवाद इसके प्रमुख कारण हैं।


