
इंडिया रिपोर्टर लाइव
जम्मू-कश्मीर 01 जून 2025। सुरक्षित और भयमुक्त अमरनाथ यात्रा के साथ-साथ प्रदेश में आतंकरोधी अभियान को गति मिलेगी। जम्मू संभाग को आतंकी मुक्त बनाने के लिए तैयार रोडमैप को सटीक रणनीति से जारी रखा जाएगा। अपने दो दिवसीय जम्मू दौरे के पहले दिन सुरक्षा एजेंसियों के साथ उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में गृहमंत्री ने यह हिदायत दी है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र और प्रदेश प्रशासन के लिए अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गृहमंत्री ने सुरक्षा समीक्षा बैठक में सेना, पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ और सुरक्षा एजेंसियों को करीबी खुफिया समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। बौखलाया पाकिस्तानी अमरनाथ यात्रा में खलल डालने की हरसंभव कोशिश करेगा। सीमापार से घुसपैठ की कोशिश बढ़ेगी। इससे बीएसएफ भी इन्कार नहीं कर रही है। गृहमंत्री ने बीएसएफ को ऐसे प्रयासों को विफल करने के लिए मजबूत तंत्र बनाने को कहा है। यही कारण था कि गृहमंत्री के दाैरे से पहले बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा किया।
सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप ने श्रीनगर और जम्मू में सुरक्षा समीक्षा बैठक की। थल सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने व्हाइट नाइट कोर का दौरा किया था। जम्मू संभाग को आतंकी मुक्त बनाने के लिए बने रोडमैप में एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारियों का समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। डीजीपी जम्मू-कश्मीर ने जम्मू संभाग में जारी आतंकरोधी अभियान से गृहमंत्री को अवगत करवाया।
गृहमंत्री का दौरा कई मायनों में खास रहा। अमरनाथ यात्रा के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर मुख्य फोकस था। गृहमंत्री से पहले चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, थल सेना प्रमुख जम्मू-कश्मीर का दौरा कर चुके थे। हम पाकिस्तान की हर हरकत का जवाब देने के लिए तैयार हैं। गृहमंत्री ने सुरक्षित अमरनाथ यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आतंकरोधी अभियान और पाकिस्तान की हर हरकत का आक्रामक तरीके से जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
-डाॅ. विजय सागर, बिग्रेडियर (सेवानिवृत्त)
बॉर्डर क्षेत्रों में वीडीजी सदस्यों को तैयार कर रही बीएसएफ
गृहमंत्री ने जम्मू संभाग में वीडीजी को मजबूत करने का निर्देश दिया है। बॉर्डर और आतंक प्रभावित जिलों में वीडीजी सदस्यों को आधुनिक हथियार के साथ-साथ युद्ध जैसे हालात के लिए उन्हें तैयार किया जा रहा है। पुलिस, सेना के साथ-साथ अब बीएसएफ भी वीडीजी सदस्यों को प्रशिक्षण दे रही है। युद्ध जैसे हालात, आतंकरोधी अभियान में किस तरह वीडीजी सदस्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद कर सकते हैं इसके लिए उन्हें तैयार किया जा रहा है।


