इसरो का EOS-08 उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंचा, इससे आपदा को लेकर मिलेगा सटीक अलर्ट

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 16 अगस्त 2024। इसरो ने श्री हरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह नए रॉकेट एसएसएलवी D3 की लॉन्चिंग कर दी। इसके साथ EOS-08  मिशन के तौर पर नई अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट लॉन्च की गई, जो कि आपदाओं के बारे में अलर्ट देगी। इसे सफलतापूर्वक कक्षा में प्रक्षेपित किया गया। यह एसएसएलवी की अंतिम प्रदर्शन उड़ान होगी। इसरो ने बताया कि एसएसएलवी-डी3-ईओएस के प्रक्षेपण से पहले काउंटडाउन 02: 47 बजे शुरू हो चुका था।

पर्यावरण और आपदा की जानकारी देगा EOS-08
अर्थ ऑब्जरवेशन सेटेलाइट EOS-08 पृथ्वी की निगरानी करने के साथ ही पर्यावरण और आपदा को लेकर जानकारी देगा। इसके साथ ही तकनीकी प्रदर्शन भी करेगा। लगभग 175.5 किलोग्राम वजन वाला EOS-08 कई वैज्ञानिक और व्यावहारिक क्षेत्रों में मूल्यवान डाटा और अंतर्दृष्टि का योगदान देने के लिए तैयार है। ईओएस-08 में तीन अत्याधुनिक पेलोड हैं: एक इलेक्ट्रो ऑप्टिकल इन्फ्रारेड पेलोड (ईओआईआर), एक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम-रिफ्लेक्टोमेट्री पेलोड (जीएनएसएस-आर) और एक एसआईसी यूवी डोसिमीटर। ईओआईआर पेलोड को मध्य-तरंग आईआर और लंबी-तरंग आईआर बैंड में दिन और रात दोनों छवियों को कैप्चर करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो आपदा निगरानी से लेकर आग का पता लगाने और ज्वालामुखी गतिविधि अवलोकन तक के अनुप्रयोगों को सक्षम बनाता है। जीएनएसएस-आर पेलोड महासागर की सतह की हवा के विश्लेषण, मिट्टी की नमी के आकलन और बाढ़ का पता लगाने के लिए अभिनव रिमोट सेंसिंग क्षमताओं को प्रदर्शित करता है।

एक वर्ष के लिए तय है ईओएस-08 का मिशन
ईओएस-08 में कई स्वदेशी रूप से विकसित घटक भी शामिल हैं, जिनमें सौर सेल निर्माण प्रक्रियाएं और माइक्रोसैट अनुप्रयोगों के लिए एक नैनो स्टार-सेंसर शामिल हैं। इसरो ने कहा था कि नवाचार के लिए मिशन की प्रतिबद्धता बेहतर प्रदर्शन के लिए एक्स-बैंड डेटा ट्रांसमिशन सिस्टम तक फैली हुई है। इसरो ने कहा था, अपने नियोजित एक वर्ष के मिशन जीवन के साथ, ईओएस-08 महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करने के लिए तैयार है, जो पृथ्वी की प्रणालियों की समझ को बढ़ाएगा और समाज और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए लाभकारी अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला का समर्थन करेगा।

SSLV को मिल जाएगा यह दर्जा
इस मिशन की उम्र एक साल है। एसएसएलवी D3 की लॉन्चिंग के बाद SSLV को पूरी तरह से ऑपरेशन रॉकेट का दर्जा मिल जाएगा। SSLV-D1/EOS-02 के पहले मिशन ने अगस्त 2022 में उपग्रहों को इच्छित कक्षाओं में स्थापित किया था। दूसरी विकासात्मक उड़ान 10 फरवरी, 2023 को सफलतापूर्वक लॉन्च की गई थी। एसएसएलवी रॉकेट की लागत PSLV रॉकेट से करीब छह गुना तक कम है। 

Leave a Reply

Next Post

'जो साथ खड़े वे हमारे बेटे-बेटियां', महिला डॉक्टर के हत्या मामले में प्रदर्शनों पर आया पिता का बयान

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर कोलकाता 16 अगस्त 2024। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की हत्या का मामला अब राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। देशभर के डॉक्टर इसके खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई को सौंप […]

You May Like

3000 रुपये पेंशन, 50 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस... चुनाव से पहले राहुल गांधी ने किया बड़ा ऐलान....|....भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गौरव का स्रोत हैं: पीएम मोदी....|....कलचा गांव में रंग लगाने के विवाद में दो लोगों की हत्या, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार....|....दिल्ली के बाजारों में युद्ध का असर, इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगा; बासमती चावल के दाम गिरे....|....भाई ने लांघीं बर्बरता की हदें: हिमशिखा के शरीर पर थे 80 से ज्यादा जख्म, छलनी हो गया था लिवर, किडनी और हार्ट....|....बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने की खुशी पड़ी जिंदगी पर भारी, ओडिशा में पांच स्कूली छात्रों की डूबने से मौत....|....ईरान के कई तेल डिपो पर अमेरिका और इस्राइल का बड़ा हमला, तेहरान में धुएं और आग से दहशत....|....अकेली महिला ने गांव में जला दी शिक्षा की अलख, 140 बालिका बनी स्टेट खिलाड़ी....|....न्यूयॉर्क मेयर ममदानी के आवास पर बम हमले की कोशिश, हिरासत में दो लोग; स्थिति तनावपूर्ण....|....मोदी सरकार ने देश को शर्मसार किया - दीपक बैज